नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान सीकर के लाल रतनलाल की मौत

सीकर: दिल्ली के गोकुलपुरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा सीकर के लाल रतनलाल की सोमवार को में मौत हो गई। रतनलाल रामगढ़ शेखावाटी के तिहावली का रहने वाला था। नागरिकता संशोधन अधिनियम के पक्ष व विपक्ष में उतरे दो पक्षों के बीच हिंसा हो गई थी। जिसमें दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त पथराव हो गया था। इसी दौरान एक पत्थर सीकर के तिहावली गांव निवासी रतनलाल के सिर पर लगा। जिससे वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर जवान ने दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही तिहावली गांव में शोक की लहर पसर गई। रतनलाल के घर पर सन्नाटा छा गया है। रतनलाल की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल नजर आ रहा है। रतनलाल की मां को बेटे की मौत की खबर अब तक नहीं दिया जाना है। रतनलाल की मौत की सूचना पर पूरा गांव चौपाल पर इकट्ठा है। ग्रामीणों का कहना है कि रतनलाल को शहीद का दर्जा दिया जाये

रतनलाल दिल्ली के बुराड़ी इलाके में अमृत विहार में पत्नी पूनम, दोनों बेटी और एक बेटे के साथ ही रहते थे। घटना के वक्त पूनम बच्चों के साथ घर ही थी। इसी दौरान दिल्ली में हिंसा व रतनलाल की मौत की खबर टीवी पर चली। जिसे देखते ही वह अचानक बेसुध होकर धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ी।

गांव में रतनलाल की मां व भाई परिवार के साथ रहते है। एक भाई बैंगलोर में रहता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही पूरा परिवार सदमे में है। लोग उनके गांव में घर पर समाचार जानने के लिए पहुंचने लगे। वे दिल्ली के गोकुलपुरी एसीपी कार्यालय में हैडकांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान वे पुलिस जाप्ते में थे।