प्रथम पूजनीय भगवान है, गणेश जी पूजा करके ऐसे करे संकट दूर

जयपुर: शास्त्रों के अनुसार गणेशजी की पूजा के बिना कोई भी मन्त्र या जाप सफल नहीं होता है। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी प्रथम पूजनीय भगवान है, सभी देवताओं में उन्हें प्रथम पूजनीय माना गया है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में सबसे पहले गणेश जी पूजा की जाती है।

महीने में दो बार आने वाली चतुर्थी को भगवान गणेशजी की तिथि माना जाता हैं। पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं और अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। भगवान गणेश के जन्मदिवस पर भादों मास की गणेश चतुर्थी को पूरे भारत में त्यौहार की तरह मनाया जाता है। चातुर्मास के दौरान लगातार दस दिनों तक भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है

ऐसा माना जाता है कि गणेश की पूजा से सभी कार्य सिद्ध होते हैं। अगर विनायक चतुर्थी पर गणेश की उपासना व्रत—पूजा की जाये तो बुद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। संकष्टी चतुर्थी पर गणेश पूजन से जहां भगवान गणेश भक्तों को संकट की स्थिति से निकालते हैं। विनायक चतुर्थी पर गणेशजी की दिन में दो बार पूजा करनी चाहिए।