सीमेंट फैक्ट्री हादसे में झुलसे 14 श्रमिकों को अहमदाबाद रैफर किया


चित्तौड़गढ़। शहर के उपनगरीय क्षेत्र चंदेरिया स्थित सीमेंट वर्क्स में रविवार रात हुए हादसे में डेढ़ दर्जन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। ये सभी सीमेंट फैक्ट्री के कोयले के होपर में कोलमिल में मेंटेनेंस का काम कर रहे थे। तभी विस्फोट के साथ पाइप फटा और जलता हुआ कोयला श्रमिकों पर आ गिरा। जिन्हें मुश्किल से निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। हालत गंभीर होने पर इन्हें उदयपुर रैफर किया गया। वहां से सोमवार को चौदह लोगों को अहमदाबाद रैफर कर दिया गया।

बिरला सीमेंट वर्क्स के एनसीसी डब्ल्यू यूनिट में सातवीं मंजिल पर बने होपर पर श्रमिक मेंटेनेंस कार्य कर रहे थे, तभी अचानक कोयले में आग लग गई। वहां नीचे कार्य कर डेढ़ दर्जन लोग चपेट में आ गए। बताया गया कि कोइल प्लांट में तेज विस्फोट के बाद धमाका हुआ। जलता हुआ कोयला नीचे कार्य कर रहे लोगों पर गिर गया। इससे लोग वहां झुलस गए। इधर, घटना के बाद मौजूद श्रमिकों सहित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद जैसे-तैसे कोइल प्लांट में झुलसे व फंसे लोगों को निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। झुलसे नौ जनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं छह जनों को बिरला चिकित्सालय पहुंचाया गया। इस बीच बिरला कंपनी के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।

कोल मिल में आए जाम को खोलने के दौरान विस्फोट के साथ पाइप फटा और कोयला मजदूरों पर गिरा
कारण : रविवार शाम सात बजकर दस मिनिट पर फैक्ट्री के यूनिट सैकंड में वीआरएम कोल में मिल पाइप जो कि जाम थी जिसका गेट खोलकर जाम खोलने का प्रयास किया जा रहा था इसके लिए ठोकर भी लगाई गई, तभी पाइप फटा इससे जलते हुए लावे की तरह जलता कोयला इन लोगों पर गिर गया जिससे ये बुरी तरह झुलस गए।

लापरवाही : मिल पाइप लाइन का जाम खोलने से पहले प्रेशर कम करना था वह नहीं हो पाया। दूसरा पाइप लाइन का मेन गेट खुला हुआ था इस कारण बड़ा हादसे होने की बात सामने आई। दूसरी ओर बिरला हॉस्पिटल में कलेक्टर चेतनराम देवडा ने जब डाक्टरों से एक मरीज के बारे में पूछा कि ये कितना जल गया है तो कोई भी डाक्टर सही जवाब नहीं दे पा रहे थे इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।

जलते कोयले गिरे तो जल गई चमड़ी

बताया गया किल्न के अंदर बेल्ट जाम होने पर उसे खोलने के लिए गर्म कोयले से प्रेशर किया जा रहा था तभी पाइप में प्रेशर के दौरान पाइप संभवतया जॉइंट से खुल गया और गर्म कोयला इन लोगों के ऊपर गिर गया। लिहाजा कोल हापर कार्य कर रहे लोग समझ ही नहीं पाए कि अब क्या करे लिहाजा जान बचाने के लिए जतन करने लगे आग उगलते कोयल की आग ने इनके शरीर की चमड़ी को जलाना शुरू कर दिया और कुछ तो बेसुध होकर गिर पड़े लेकिन बावजूद इसके जो कुछ सही सलामत थे उन्होंने अपने साथियों को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी भी लगा दी हादसा करीब साढ़े सात बजे हो गया, लेकिन एकाएक इसका पता नहीं चल पाया इसके बाद जैसे ही हादसे का पता चला साइरन बजाकर राहत कार्य के प्रयास शुरू किए गए। दूसरी ओर इसकी खबर जब परिजनों को लगी तो वे भी सकते में आ गए और दौड़कर अस्पताल पहुंचने लगे अस्पताल के ट्रोमा वार्ड में जमा भारी भीड़ और इसके बाद इन झुलसे लोगों की स्थिति देखकर अधिकांश परिजनों की रुलाई फूट पड़ी एक महिला तो गश खाकर गिर पड़ी व बच्चे बिलखने लगे ये झुलसे लोगों के दर्द व स्थिति को देखकर परिजन और बिलखते रहे।

सांसद ने कहा सेफ्टी संसाधन नहीं थे

एसपी अनिल कयाल, डीएसपी कमलप्रसाद मीणा, सीआई नवनीत व्यास के अलावा सांसद सीपी जोशी, विधायक चंद्रभानसिंह आक्या, सभापति संदीप शर्मा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमप्रकाश मूंदड़ा, पूर्व चेयरमैन रमेशनाथ, युकां प्रदेश उपाध्यक्ष अभिमन्युसिंह आदि पहुंचे। कलेक्टर व एसपी ने झुलसे कुछ लोगों से बात भी की। इधर सांसद सीपी जोशी ने कहा कि इस मामले की तत्काल प्रभाव से जांच के लिए कलेक्टर को कहा गया है यहां पर श्रमिकों की मिली
जिला कलेक्टर चेतनराम देवड़ा ने कहा कि हादसे की प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। दस दिन में जांच रिपोर्ट पेशा करने के निर्देश एडीएम को दिए हैं। देर रात को ही लोकेशन हैड, सेफ्टी इनचार्ज, सीनियर वाइसप्रेसिंडेट व डिप्टी जनरल मैनेजर व ठेकेदार सहित आठ के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

सातवीं मंजिल पर फंसे थे

सिक्यूरिटी गार्ड हरिराम गुर्जर ने बताया कि बॉयलर में मेंटनेंस कार्य करने के लिए ये लोग कार्य कर रहे थे तभी ऊपर से आवाजें आई और तो कुछ समझ नहीं पाए लेकिन ये सभी लोग बॉयलर की छठी सातवीं मंजिल पर थे ऐसे में इन्हें एक एक कर नीचे लाया गया इसलिए कुछ समय लगा इस हादसे में सुखवंत व आरके द्विवेदी भी बूरी तरह झुलस गए जो कि किल्न इंचार्ज है