आरोपियों के लैपटॉप-मोबाइल से मिलीं 4 हजार फाइलें; इनमें अश्लील चैट, ऑडियो-वीडियो क्लिप्स


 मध्यप्रदेश का हनीट्रैप मामला देश का सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल हो सकता है। जांच अधिकारियों को आरोपी महिलाओं से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन में करीब 4,000 फाइलें मिली हैं। इनमें कई अश्लील चैट के स्क्रीनशॉट, अधिकारियों के अश्लील फुटेज, समझौता करने वाले अधिकारियों के वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं। इन क्लिप्स में बड़ी संख्या में कथित तौर पर नौकरशाह, मंत्री और पूर्व सांसद शामिल हैं।

इधर, बुधवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच शुरू कर दी। टीम के अध्यक्ष संजीव शमी बनाए गए हैं। माना जा रहा है कि जांच के आगे बढ़ने के साथ ही यह देश का सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल साबित हो सकता है।

डिजिटल फाइलों की संख्या 5 हजार तक जा सकती है : फोरेंसिक विशेषज्ञ जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन की लगातार जांच कर रहे हैं, अब तक इनमें से 4 हजार वीडियो और ऑडियो क्लिप्स निकाले जा चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल फाइलों की सूची जल्द ही 5,000 तक पहुंच सकती है।

हनीट्रैप में फंसे नौकरशाहों और नेताओं की सूची अंतहीन: जांच में ये भी पता चला है कि ब्लैकमेलर महिलाएं भोपाल के मंहगे क्लबों में आती-जाती थीं। वहां उनके लिए कमरे बुक कराए जाते थे। बताया जा रहा है कि अब इन क्लबों के चेक-इन रजिस्टर गायब हैं और उन रिकॉर्डों में भी हेरफेर करने की कोशिश की जा रही है, जिनमें इन लड़कियों की तस्वीरें रिकॉर्ड हैं। हनीट्रैप में वरिष्ठ नौकरशाहों से लेकर जूनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर, भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं की लंबी सूची है।

पुलिस के सामने वीडियो और ऑडियो क्लिप्स लीक होने से रोकना बड़ी चुनौती : एसआईटी जांच टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन वीडियो और तस्वीरों को लीक होने से रोकना है, जिससे वह गलत हाथों में न पड़ें। मामले की जांच कर रहे एक निरीक्षक को बाहर कर दिया गया है। उस पर पकड़े गए फोन की क्लिप ब्लूटूथ के जरिए अपने फोन में ट्रांसफर करने का आरोप था।

क्या है हनीट्रैप मामला?
इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन की 3 करोड़ रुपए मांगने की शिकायत के बाद भोपाल और इंदौर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग करने वाली पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था। यह महिलाएं अफसरों और नेताओं के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थीं।

इस हाईप्रोफाइल मामले में एक पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व राज्यपाल, पूर्व सांसद, भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेता और नौकरशाहों के फंसे होने की बात कही जा रही है। हालांकि अब तक इस मामले में किसी का नाम सामने नहीं आया है।