प्रदेश की 26 महिलाओं समेत देशभर से 500 महिलाएं हज के लिए महरम कोटे से जाएंगी


हज के मुकद्दस सफर पर इस साल राजस्थान की 26 सहित देशभर से कुल 500 महिलाएं महरम कोटे से हज के लिए जाएंगी। इन महिलाओं का चयन कर लिया गया है। चयनित 500 महिलाओं में सबसे अधिक 81 महिलाएं महाराष्ट्र से जाएंगी। सबसे कम एक-एक महिला आजमीन झारखंड और लक्षद्वीप से चुनी गई हैं।

इन सभी के नाम व कवर नंबर के साथ सूची हज कमेटी ऑफ इंडिया ने जारी कर दी है। हज कमेटी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार महरम कैटेगरी के लिए हज यात्रा 2019 के लिए हज कमेटी को देशभर से कुल 937 आवेदन मिले। इनमें से 890 आवेदक योग्य पाए गए। हज कमेटी ऑफ इंडिया के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉ. मकसूद अहमद खान ने बताया कि मेरिट पर प्राप्त सभी आवेदनों पर विचार किया, क्योंकि प्राप्त आवेदनों की संख्या महरम कोटा यानी 500 सीटों से अधिक थी। इसे देखते हुए कुर्रा आयोजित किया गया और इसके बाद 500 चयनित महिला आजमीन की सूची जारी की गई।

हज कमेटी ऑफ इंडिया को राजस्थान के अलावा, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, जम्मू व कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षदीप, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडीशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना स्टेट से महरम केटेगरी के लिए महिला आजमीन ने आवेदन किए। इन सभी राज्यों से मिले आवेदन के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने राज्यवार महिला आजमीन का चयन करने के लिए कुर्रा निकाला।

महाराष्ट्र से सबसे अधिक महरम

इसमें सबसे अधिक 81 महिला आजमीन का महाराष्ट्र से चयन हुआ। दूसरे नंबर पर केरल का है। यहां से 55 महिला आजमीन इस केटेगरी में जाएंगी। तीसरे नंबर पर 54 महिला आजमीन के साथ जम्मू व कश्मीर है। चौथे नंबर पर 50 महिला आजमीन के साथ कर्नाटक है और पांचवे नंबर पर उत्तर प्रदेश है। यहां से 49 महिला आजमीन का कुर्रा में नंबर आया है। राजस्थान का 26 महिला आजमीन के साथ नवां नंबर आया है।

अन्य राज्यों से यह है संख्या
आंध्र प्रदेश 11, बिहार, 13, छत्तीसगढ़, 4, दिल्ली 14, हरियाणा 6, मध्य प्रदेश 30, ओडीशा3, तमिलनाडु 21, उत्तराखंड 11 और पश्चिम बंगाल 7 महिला आजमीन का चयन किया गया है।

अब यह करना होगा इन्हें
इन सभी महिला आजमीन से 30 मई तक पासपोर्ट की प्रति, मेडिकल सर्टिफिकेट और जमा भुगतान राशि का ब्यौरा मांगा गया है।

मेहरम केटेगरी क्या है

मुस्लिम महिलाएं अब बिना किसी साथी के हज यात्रा कर सकती हैं। केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 45 साल से अधिक की महिलाओं को इसकी अनुमति दी है। महरम का मतलब है कि महिला का पिता, भाई या बेटा… (जिसके साथ वो शादी नहीं कर सकती हैं) वह यात्रा में महिला के साथ रहे। शरीयत के अनुसार एक महिला 78 किलोमीटर से अधिक की यात्रा अकेले नहीं कर सकती। अगर उसे इससे अधिक यात्रा करनी है तो उसके साथ पुरुष साथी का होना जरूरी है।

अमानुल्लाह समिति ने दिया था सुझाव
हज कमेटी की नई हज पॉलिसी को लेकर गठित अमानुल्लाह समिति ने सुझाव दिया था कि 45 वर्ष की आयु से अधिक महिला को पुरुष साथी के बिना हज यात्रा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसे केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया था और इसके बाद ही महरम केटेगरी के माध्यम से महिलाओं को अलग से हज यात्रा पर जाने की मंजूरी मिली। इस फैसले के बाद वयस्क मुस्लिम महिलाएं चार के समूह बना कर बिना किसी पुरुष साथी के हज के लिए जा सकती हैं। इससे महिला आजमीन को फायदा मिल रहा है।