10 किमी में पड़े 6 नाकाबंदी पॉइंट, पुलिस ने रोका तक नहीं


जयपुर शहर में गुरुवार रात शर्मशार करने वाली घटना हुई। जन्मदिन की पार्टी से निकली युवती के साथ कार में दुष्कर्म की कोशिश की गई। इस दौरान कार शहर की प्रमुख सड़कों पर घूमती रही। छह नाकाबंदी पॉइंट भी आए। लेकिन, पुलिस ने कहीं भी कार नहीं रोकी। ड्राइवर सुरेश ने बताया कि आरोपी सचिन ने युवती नकली पिस्टल से डरा दिया था। इसके बावजूद उसने दुर्गापुरा, जयपुरिया कट, गाेपालपुरा माेड, रिद्धि-सिद्धि, गुर्जर की थड़ी एवं साेढ़ाला में नाकाबंदी पाइंट पर कार को नहीं रोका। पुलिस की मदद नहीं ली। बल्कि, युवती से जब युवक छेड़छाड़ कर रहा था ड्राइवर कैब को सुनसान गलियों में घूमा रहा था। युवती ने पुलिस को बताया कि वह बेहद डर गई थी। हिम्मत दिखाकर उसने आरोपी की जीभ काट ली और कार से कूद गई।

यूं मिला सुराग…जीभ कटे युवक से हुई पहचान, धरा गया

  • युवती का दोस्त बार-बार फोन कर रहा था लेकिन, मोबाइल कैब में छूटने से बात नहीं हो पाई।
  • दोस्त ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी।
  • कंट्रोल रूम से मैसेज चला।
  • चित्रकूट पुलिस ने बताया-युवती थाने में है।
  • बताया गया आरोपी की जीभ कटी है। वह किसी अस्पताल में जा सकता है।
  • डीसीपी राहुल जैन ने सभी हाॅस्पिटल्स को मैसेज करवाया।
  • एसएमएस से जीभ कटे युवक के आने की सूचना मिली।
  • आरोपी सचिन को पकड़ लिया।

कैब ड्राइवर तक ऐसे पहुंच पाई पुलिस

अाराेपी सचिन काे एसएमएस हाॅस्पिटल पहुंचाने के बाद कैब ड्राइवर स़ुरेश वहां से निकल गया।  पुलिस ने कार में छूट गए मोबाइल पर फोन किया। ड्राइवर ने जैसे फोन रिसीव किया, पुलिस ने  चित्रकूट नगर थाने पर बुला लिया। इस तरह ड्राइवर भी पकड़ा गया। ड्राइवर ने अपने बचाव में कहा कहा कि आरोपी ने उसे भी नकली पिस्टल के बल पर डराया हुआ था। लेकिन, सवाल यह उठता है कि उसने पुलिस की मदद क्यों नहीं ली ?  फिर अस्पताल से सीधे घर क्यों चला गया?

कैब कंपनियां बनाएं कंट्रोल रूम

प्रदेश में करीब 12 हजार कैब संचालित करने वाली कंपनियों पर राज्य सरकार ने पहली बार सख्ती दिखाई है। सरकार ने किराए को लेकर तो कोई रोक-टोक नहीं लगाई है। लेकिन, उनमें सफर करने वालों की सुरक्षा और शिकायतों की सुनवाई की कार्ययोजना तय कर दी है। सरकार ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि ओला, उबर जैसी कैब पब्लिक ट्रांसपोर्ट कम्पनियों को यात्री सुरक्षा, सेवा पारदर्शिता एवं अन्य नियमों की पालना के लिए अधिक जिम्मेदार बनाया जाएगा। हर कंपनी को कंट्रोल रूम बनाना होगा। इसमें आने वाली शिकायतों के बारे में समय-समय पर परिवहन विभाग को जानकारी देनी होगी। अब कैब सेवा से सम्बन्धित शिकायत परिवहन आयुक्त कार्यालय, आरटीओ या किसी भी परिवहन कार्यालय में की जा सकेगी। विधानसभा में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने यह जानकारी दी।