दस हजार फेस्टिवल एडवांस व बोनस की घोषणा पर केन्द्र सरकार का आभार जताया

राज्य सरकार के अघोषित वेतन कटौती , वेतन स्थगन , समर्पित अवकाश के नकद भुगतान रोक की निन्दा की

सिरोही- केन्द्र की मोदी सरकार  की घोषणा के अनुसार केन्द्रीय कर्मचारियों को बोनस सिंगल इंस्टॉलमेंट में मिलेगा तथा 10 हजार फेस्टिवल एडवांस मिलेगा ।जिसका कर्मचारी महासंघ व शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश संयुक्त महामंत्री गोपालसिंह राव ने स्वागत कर आभार प्रकट किया।केन्द्र सरकार  डीबीटी के जरिए मनी ट्रांसफर विजयादशमी से पहले करेंगी ।केन्द्र सरकार डिमांड में तेजी लाने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है। इसी सिलसिले में कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए प्रॉडक्टिविटी और नॉन-प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस का ऐलान किया है। सरकार के इस ऐलान से 30 लाख 67 हजार नॉन-गजेटेड सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि बोनस को सिंगल इंस्टॉलमेंट में जारी किया जाएगा। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए विजयादशमी से पहले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को जारी कर दिया जाएगा।राव के मुताबिक बोनस का फायदा 17 लाख नॉन गजेटेड कर्मचारियों जिसमें रेलवे, पोस्ट ऑफिस, ईपीएफओ, ईएसआईसी के कर्मचारी शामिल होंगे। इन्हें बोनस के रूप में करीब 2791 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। बाकी 13 लाख कर्मचारियों को नॉन प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस के रूप में 946 करोड़ जारी किए जाएंगे।इससे पहले सरकार LTC कैश वाउचर स्कीम लेकर आई थी।  लीव ट्रैवल कंपेनसेशन का फायदा 4 सालों के ब्लॉक में मिलता है। वह ब्लॉक इसी साल यानी 2020 में समाप्त हो रहा है। कोरोना के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में सरकार ने घोषणा की थी कि LTC का तीन गुना खर्च कर इसका फायदा उठाया जा सकता है। इसके अलावा 10 हजार रुपये के फेस्टिवल अडवांस की भी घोषणा की गई थी, जिसे सरकारी कर्मचारी उठा सकते हैं।कोरोना के कारण इंडियन इकॉनमी की हालत खराब है। यह डिमांड और सप्लाई, दोनों तरफ से प्रभावित है। ऐसे में डिमांड को बूस्ट करने के लिए सरकार की तरफ से छोटे-छोटे और प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं। बोनस की घोषणा से 30 लाख कर्मचारियों के हाथों में 3700 करोड़ जाएंगे। यह त्योहारी मौसम है। ऐसे में वे इसे खर्च करेंगे। इससे पहले 10 हजार फेस्टिवल अडवांस की जो घोषणा की गई थी, उसका भी मकसद खर्च में तेजी लाना है।दूसरी तरफ राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों के मार्च 2020 के 16 दिन का वेतन स्थगित कर अपने विधायकों का भत्ता मासिक 20 हजार बढाया ।कर्मचारियों के समर्पित अवकाश के नकद भुगतान पर रोक लगाइ ।वेतन कटौती एक से दो दिन करके आर्थिक उत्पीड़न किया है ।जिसके लिये उच्च न्यायालय ने जवाब तलब किया है ।संगठन राज्य सरकार के निर्णयों की पूरजोर निंदा करता है ।

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