आक्षेपों की पूर्ति के अभाव में 98 हजार उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्तियां लंबित



30 जून तक आक्षेपों की पूर्ति के लिए दिया अंतिम अवसर
जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दी जाने वाली उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2016 -17 में आक्षेपाें की पूर्ति के अभाव में 98 हजार छात्रवृति आवेदन पत्र लंबित हैं।
 विभाग द्वारा लंबित आक्षेपाें एवं कमियों की पूर्ति करने के लिए विद्यार्थियों तथा शिक्षण संस्थाओं को 30 जून 2018 तक का अंतिम अवसर दिया गया है, जिससे विद्यार्थी एवं शिक्षण संस्थान स्तर पर लंबित आक्षेपों को दुरुस्त कर विभाग के स्वीकृतिकर्ता अधिकारियों को भिजवाया जा सकेगा।
             सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक डॉक्टर समित शर्मा ने बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों में आंशिक कमियां अथवा आक्षेप पूर्ति कर संबंधित विद्यार्थी एवं शिक्षण संस्थान द्वारा 15 मई 2018 तक स्वीकृतिकर्ता अधिकारी को आवेदन पत्र ऑनलाइन फारवर्ड किया जाना था, किंतु ऑनलाइन फारवर्ड किए जाने की अंतिम तिथि व्यतीत हो जाने के उपरांत भी विद्यार्थियों एवं शिक्षण संस्थानों द्वारा आक्षेपों की पूर्ति नहीं की गई। जिनकी वजह से ऎसे आवेदन पत्रों की छात्रवृत्ति भुगतान की कार्यवाही किया जाना संभव नहीं हो सका ।
             डॉ समित शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों के हित को दृष्टिगत रखते हुए उपरोक्त प्रकृति के ऎसे आवेदन पत्र जो विद्यार्थी एवं शिक्षण संस्थाओं के स्तर पर आक्षेप पूर्ति अथवा अन्य कारणों से लंबित हैं, उनकी कमियों को पूर्ति कर स्वीकृतिकर्ता अधिकारी को ऑनलाइन फारवर्ड करने हेतु 30 जून 2018 तक का अंतिम अवसर प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि 30 जून 2018 के पश्चात विद्यार्थी एवं शिक्षण संस्थाओं के स्तर पर लंबित आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।