बैंकों से लोन लेकर विदेश भाग जाने वाले लोगों से पैसा वसूलने के लिए एक नया अध्यादेश जारी



देश में आर्थिक धोखाधडी कर विदेश भाग जाने के काफी मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने बैंकों का लोन दबाकर बैठने वालों की नकेल कसने की तैयारी कर ली है। दरअसल, मोदी सरकार बैंकों से लोन लेकर विदेश भाग जाने वाले लोगों से पैसा वसूलने के लिए एक नया अध्यादेश जारी किया गया है। यह 100 करोड से ज्यादा की धोखाधडी करने वालों पर लागू होगा। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंभत्री की अध्यक्षता में हुई शनिवार को कैबिनेट की मीटिंग में भगोडो के खिलाफ ऑर्डिनेंस को मंजूरी मिली है।
राष्ट्रपति की सहमति के बाद इस पर मुहर लग जाएगी। लोकसभा में 12 मार्च को भगोडा आर्थिक अपराधी बिल 2018 पेश किया गया था, लेकिन संसद में हंगामे के चलते यह बिल पास नहीं हो पाया। गौरतलब है कि विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे मामले सामने आने के बाद मोदी सरकार ने यह फैसला लिया था।
अध्यादेश के प्रावधनों के मुताबिक उन आर्थिक अपराधियों पर लागू होंगे, जो कर्ज लेने के बाद देश छोडकर चले जाते हैं और देश आने से मना कर देते हैं। ऐसे भगोडों के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है और जो 100 करोड रुपए से अधिक के बकाया के साथ लोन डिफॉल्टर्स की लिस्ट में शामिल हैं।
इस ऑर्डिनेंस के मुताबिक बिना किसी आदेश के अर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त कर उन्हे बेचकर उधारदाताओं को भुगतान किया जाएगा। ऐसे आर्थिक अपराधियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट तहत मामला दर्ज किया जाएगा। भगोडा आर्थिक अपराधी वह शख्स होता है, जो अभियोजन का सामना करने से बचने के लिए देश छोडकर भाग गया है और वापस आने से इनकार कर रहा है।