चरवाहे पर लपका बाघ तो भैंसे आईं बचाव में, युवक के लाठी चलाने से भागा, 24 घंटे से पहले ही दूसरे ग्रामीण पर हमला


खंडेवला ग्राम पंचायत के फरिया गांव में 24 घंटे से पहले ही बाघ ने एक और चरवाहे पर हमला कर दिया। उसे गंभीर हालत में सवाईमाधोपुर रैफर किया गया है। बाघ ने बाघ ने पिंटू गुर्जर पुत्र अमर लाल गुर्जर निवासी फरिया पर हमला किया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने खंडार रोड पर जाम लगा दिया। इससे पहले इसी क्षेत्र में एक चरवाहे पर शनिवार शाम संभावित रूप से एक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में चरवाहे की मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के अनुसार बाघ ने गोपालपुरा के जंगल में डेरा डाला हुआ है।

पिंटू ने बताया कि वह गोपालपुरा के जंगल में भैंस चरा रहा था कि तभी बाघ ने उसे पर हमला किया। इस पर भैंसों ने बाघ पर हमला कर दिया। साथ ही पिंटू ने अपनी लाठी से बाघ पर हमला किया। इससे बाघ उसे छोड़ कर चला गया। उसके चिल्लाने पर ग्रामीण वहां पहुंचे तथा उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हालत नाजुक होने पर उसे सवाईमाधोपुर रैफर कर दिया गया।

इससे पहले शनिवार को बाघ के संभावित हमले में मारे गए चरवाहे के शव को पुलिस की निगरानी में खंडार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां रविवार को पोस्टमाॅर्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों में दुख के साथ भय भी है। हालांकि अभी बाघ द्वारा ही हमला किए जाने की पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने शव के पास बाघ को देखा था। इससे नौ दिन पहले ही करौली में बाघ टी 104 ने एक युवक की जान ली थी। टी-104 पिछले आठ माह में तीन लोगों की जान ले चुका था। वन विभाग ने उसे रणथंभौर स्थित दो हेक्टेयर में बने एनक्लोजर मं रखा है।

खंडार तहसील क्षेत्र के खंडेवला ग्राम पंचायत के गांव फरिया निवासी 50 वर्षीय चिरंजीलाल पुत्र जगन्नाथ गुर्जर रोजाना की तरह गोपालपुरा के जंगल में बकरियां चराने गया था। शाम को 7:00 बजे उसकी सभी बकरियां गांव में लौट आईं, लेकिन चिरंजी उनके साथ नहीं आया। तलाश करने पर दूसरे चरवाहों ने बताया कि उसे आखिरी बार गोपालपुरा के जंगल में देखा गया था।

जानकारी के बाद गांव के लगभग 50 लोग जमा होकर गोपालपुरा के जंगलों की ओर गए, जहां पर उसका शव मिला। मृतक चिरंजीलाल के भाई रामअवतार गुर्जर एवं भतीजे गोलू गुर्जर का दावा है कि चिरंजी के शव के पास टाइगर बैठा हुआ था, जो उनका शोर-शराबा सुनकर वहां से भाग गया। बाद में वे शव को लेकर गांव आ गए। इसी दौरान पुलिस भी गांव में पहुंच गई। ग्रामीणों ने पुलिस की निगरानी में शव को खंडार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां पर रविवार की सुबह उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

यह बाघ का हमला है या कुछ और ?

यहां पर इस बात की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस घटना में बाघ की जगह कोई दूसरा जानवर हो या फिर बड़ा बाघ नहीं होकर यह हमला किसी शावक द्वारा किया गया हो जो इंसान को मारने के बाद यह नहीं समझ पाया कि अब वह क्या करें क्योंकि उसके लिए इंसान का शिकार पहला अनुभव हो सकता है।

इस घटना के बाद उप वन संरक्षक मुकेश सैनी से बात करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें भी सूचना यही दी गई है कि ग्रामीण पर हमला बाघ ने किया है। उसके गले पर दो निशान भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह हमला बाघ द्वारा ही किया गया है। सैनी ने बताया कि संदेह का दायरा इस कारण बढ़ रहा है कि हमले और शव को बरामद करने के दौरान 2 घंटे से ज्यादा का समय बीत गया था। इस दौरान अगर बाघ वहां होता और वह इसका शिकार करता तो वह शव का कुछ हिस्सा जरूर खा जाता, लेकिन शव को दो निशानों के अलावा कोई नुकसान नहीं हुआ है।

इस कारण यह बात रविवार की सुबह ही स्पष्ट हो पाएगी कि यह बाघ का हमला है या कुछ और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता लगेगा कि यह निशान केनाइन के हैं या नहीं। साथ ही दिन उगने के बाद उस इलाके की कॉमबिंग भी की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि आसपास बाघ के पंजों के निशान है भी या नहीं। इसके बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह हमला बाघ द्वारा किया गया है या कुछ और है।

विन विभाग ने ग्रामीणों को दिया आश्वासन
चिरंजीलाल की मौत से ग्रामीणों में भय है। उन्हें अपनी जान के साथ अपने मवेशियों की जान की भी चिंता है। वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बाघ को पकड़कर कहीं और छोड़ा जाएगा। उल्लेखनीय है कि बाघ टी-104 को भी 35 लाख रुपए में बने एनक्लोजर में रखा गया है। उसे भी कहीं और शिफ्ट किया जाएगा।