अदनान सामी पर 50 लाख का जुर्माना लगा, पाकिस्तानी नागरिक रहते हुए मुंबई में खरीदे थे 8 फ्लैट्स


16 साल पुराने फेमा केस में सिंगर अदनान सामी को बड़ी राहत मिल गई है। अब इस मामले में अब उनके मुंबई स्थित 8 फ्लैट्स जब्त नहीं होंगे, बल्कि वे 50 लाख का जुर्माना भरकर ही इससे पीछा छुड़ा लेंगे। ये मामला साल 2003 का है, जब पाकिस्तानी नागरिक रहते हुए उन्होंने नियम विरूद्ध मुंबई में इन फ्लैट्स को खरीदा था। जिसके बाद ईडी के स्पेशल डायरेक्टर ने उनके सभी फ्लैट्स जब्त करने का आदेश दे दिया था। इस फैसले के खिलाफ सामी ने फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के अपेलैट ट्रिब्यूनल में अपील की थी। हाल ही में ट्रिब्यूनल ने अपना फैसला देते हुए ईडी डायरेक्टर के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया, हालांकि उसने सामी पर लगे जुर्माने की राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दिया।

2.53 करोड़ रुपए में खरीदे थे 8 फ्लैट

अदनान सामी ने 29 दिसंबर 2003 को मुंबई के लोखंडवाला स्थित ओबेरॉय स्काई गार्डन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में 8 फ्लैट्स और 5 पार्किंग स्पेस खरीदे थे। इसके लिए उन्होंने 2.53 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। इस सौदे के वक्त वे पाकिस्तानी नागरिक थे और भारत में संपत्ति खरीदने से पहले उन्हें कानूनन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अनुमति लेना जरूरी था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया था।

तीन महीने में भरना होगी जुर्माने की राशि

इस मामले में दिसंबर 2010 में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के स्पेशल डायरेक्टर (मुंबई) ने सामी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी खरीदी सभी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया था साथ ही उन पर 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसी आदेश के खिलाफ सामी ने फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के अपेलैट ट्रिब्यूनल में अपील दायर की थी। जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने उनके खिलाफ जारी आदेश को रद्द करते हुए जुर्माने की राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपए कर दी। 12 सितंबर को जारी ट्रिब्यूनल के इस आदेश के बाद अगले तीन महीनों के अंदर अदनान को अपने बकाया 40 लाख जुर्माने की राशि भरना होगी। वे 10 लाख रुपए पहले ही जमा करा चुके हैं।

यहीं कमाई राशि से खरीदे थे फ्लैट्स

ट्रिब्यूनल को दी जानकारी में अदनान ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि पाकिस्तानी नागरिक भारत में अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने फैसला देते हुए कहा कि ‘सभी फ्लैट्स को भारतीय मुद्रा में ही खरीदा गया था, जिसे कमाया भी भारत में ही गया था, जिस पर आयकर भी दिया जा चुका था। साथ ही इसके लिए बैंक से ऋण भी लिया गया था। जिसे पूरी तरह चुका भी दिया गया।’ बता दें कि फ्लैटों की खरीद के कुछ साल बाद सामी ने भारतीय नागरिकता पाने के लिए आवेदन दिया और 1 जनवरी 2016 को उन्हें प्राकृतिककरण का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। तब से वे यहीं रह रहे हैं।