गृह मंत्री बनने के बाद अमित शाह का कल पहला दौरा, बाबा बर्फानी के भी दर्शन करेंगे


गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को जम्मू-कश्मीर के दो दिनों के दौरे पर जाएंगे। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद यह उनका पहला दौरा होगा। अपनी यात्रा के दौरान वे एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इस दौरान अमित शाह अमरनाथ तीर्थस्थल पर पूजा करेंगे और बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शाह वहां उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेंगे। शाह बुधवार दोपहर तक श्रीनगर पहुंचेंगे। राज्य पुलिस को अमरनाथ यात्रा के दौरान यातायात के आवागमन के लिए विशेष व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। जब तीर्थयात्री यात्रा पर निकलेंगे तो वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही पवित्र गुफा तक जाने वाले ट्रेकिंग मार्ग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अमरनाथ यात्रा 46 दिन तक चलेगी

अधिकारियों के मुताबिक, यह यात्रा 46 दिन यानि 15 अगस्त चल चलेगी। इस दौरान अनंतनाग जिले के पहलगाम ट्रैक और गांदरबल जिले के बालटाल ट्रैक पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। तीर्थयात्री अमरनाथ जाने के लिए मुख्य रूप से इन्हीं दो मार्गों का इस्तेमाल करते है। यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे।

सोमवार को जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल पेश

दौरे से पहले सोमवार को लोकसभा में शाह की ओर से केंद्रीय राज्य गृहमंत्री जी किशन रेड्डी ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल 2019 पेश किया। गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए बिल के तहत जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 में संशोधन किया जाएगा। बिल के पास होने से अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। आरक्षण नियम में संशोधन के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति जो पिछड़े क्षेत्रों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से सुरक्षा कारणों से चला गया हो उसे भी आरक्षण का फायदा मिल सकेगा।

राज्यपाल से मुलाकात करेंगे

शाह यहां राज्यपाल सत्यपाल मलिक से भी मुलाकात करेंगे और राज्य में सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा करेंगे। जानकारी के मुताबिक, इस दौरान शाह अलगाववादी नेताओं से मुलाकात नहीं करेंगे। शाह 30 जून को एक दिन के लिए कश्मीर घाटी जाने वाले थे, लेकिन केंद्रीय बजट के संबंध में गृह मंत्री की व्यस्तता के कारण यह दौरा पहले कर दिया गया।