पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिए जाने के बाद, बने कैदी नंबर 3351



सीबीआई के विशेष जज की अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को कड़ी सुरक्षा के साथ बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल होटवार ले जाया गया। उन्हें केंद्रीय जेल के अपर डिवीजन सेल में रखा गया है। वे कैदी नंबर 3351 बने हैं।

वीआईपी कैदियों की इस सेल में झरिया के विधायक संजीव सिंह, खिजरी के पूर्व विधायक सावना लकड़ा, पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर व पूर्व विधायक कमल किशोर भगत पहले से बंद हैं। अब सेंट्रल जेल में अपर डिवीजन सेल में लालू यादव के साथ दो अन्य वीआईपी बंदी भी पहुंच गए हैं।

चारा घोटाले में लालू के साथ-साथ दोषी पाए गए बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा व पूर्व विधायक डॉ. रवींद्र कुमार राणा को भी अपर डिवीजन सेल का ही कमरा मिला है।

अपर डिवीजन सेल में चार-चार कमरों के दो विंग अपर डिवीजन सेल में चार-चार कमरों के दो विंग हैं। एक विंग में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा में लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा व झरिया के विधायक संजीव सिंह हैं। यहां एक कमरा अभी खाली है। दूसरे विंग में खिजरी के पूर्व विधायक सावना लकड़ा, पूर्व मंत्री राजा पीटर, पूर्व विधायक कमल किशोर भगत के अलावा बिहार से पूर्व विधायक डॉ.रवींद्र कुमार राणा हैं।

जेल में लालू प्रसाद यादव को चौकी व बिस्तर उपलब्ध करवाया गया। उन्हें खाने में पालक साग व रोटियां दी गईं। उन्हें सोने के लिए चौकी मिली, जिस पर एक गद्दा, तकिया, चादर व मच्छरदानी उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक कमरे में टेलीविजन है। केवल दूरदर्शन देखने की सुविधा उपलब्ध है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के साथ तीन का गजब संयोग रहा है। 30 सितंबर, 2013 को लालू प्रसाद यादव जब होटवार जेल गए थे, उस वक्त तारीख भी 30 थी और उन्हें कैदी नंबर तब 3312 मिला था। अब 23 दिसंबर को जब वे दोषी करार हुए और जेल गए तो वहां इस बार कैदी नंबर 3351 मिला है। उन्हें तीन जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।