उम्र 8 साल, 8 घंटे प्रैक्टिस, सिक्स पैक एब्स, सपना ओलिंपिक में गोल्ड जीतना


जयपुर (अनुराग बासिडा). उम्र 8 साल, रनिंग का जुनून और सिक्स पैक्स एब्स। सपना है 2024 में ओलिंपिक मेडल जीतने का। यह कहानी है इंस्टाग्राम फेम नन्ही सी एथलीट पूजा बिश्नोई की। इस उम्र में ही सिक्स पैक एब्स बच्ची के खेल के प्रति जुनून को दर्शाता है। सपना है उसेन बोल्ट की तरह ‘लाइटनिंग बोल्ट’ जैसी एथलीट बनने का। छोटी सी उम्र में सिक्स पैक एब्स बनाने वाली यह हिन्दुस्तान की पहली बच्ची जोधपुर के गांव गुडा-बिश्नोई की है।

बच्ची के मामा ही हैं कोच

पूजा के मामा श्रवण बिश्नोई ही उसके कोच भी हैं। इस छोटी से उम्र में सिक्स पैक एब्स बनाने का जज्बा और रनिंग को जोश उन्होंने ही बच्ची में जगाया।  इंस्टाग्राम पर पूजा के जज्बे को देखकर विराट कोहली फाउंडेशन ने उसका यात्रा, न्यूट्रिशन, ट्रेनिंग आदि का सारा खर्च उठाने की जिम्मेदारी उठाना का फैसला किया है।

पूजा की उपलब्धियां 

{छह-पैक एब्स वाली एशिया की पहली सबसे छोटी लड़की
{3 किमी दूरी 12:50 मिनट में पूरी कर ली।
{10 किमी की मैराथन 48 मिनट में पूरी की।

रोजाना 8 घंटे प्रैक्टिस 
4 साल की उम्र में प्रैक्टिस करना शुरू कर दिया था। रोज सुबह 3 बजे उठकर प्रैक्टिस करती हूं। 3-4 घंटे की प्रैक्टिस के बाद 7 बजे स्कूल जाती हूं। इसके बाद शाम को भी रनिंग करती हूं। रोजाना करीब 8 घंटे प्रैक्टिस करती हूं्।
भाई कुलदीप में भी है बहन की तरह जज्बा
कोच व मामा श्रवण बताते हैं, पूजा की तरह ही उसके छोटे भाई कुलदीप में भी रनिंग का जुनून है। दोनों की मां मुझे अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनाना चाहती थी लेकिन किसी कारण ऐसा न हो सका। अब वह अपने बच्चों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करती हैं।