एआईआरएफ ने 78 दिन के बोनस को बताया वादाखिलाफी, बोली उत्पादन बढ़ा है तो बोनस भी 80 दिन का मिले


केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय के अनुमोदन को स्वीकृति देते हुए रेलवे के साढ़े ग्यारह लाख कर्मचारियों को त्यौहारी बोनस का इनाम देकर बडी राहत दी है। जिसके तहत ग्रुप सी और डी श्रेणी के रेलकर्मियों को 7000 की सीलिंग लिमिट के हिसाब से 78 दिन का 17,951 रुपए उत्पादन के आधार पर बोनस (पीएलबी) दिया जाएगा। यह सभी रेलकर्मियों के खातों में दशहरे तक क्रेडिट कर दिया जाएगा।

बोर्ड के इस निर्णय से उत्तर पश्चिम रेलवे (प्रदेश का 90 फीसदी हिस्सा) के जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर मंडलों व वर्कशॉप के 45 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसमें जयपुर मंडल के साढ़े दस हजार और मुख्यालय के 1200 कर्मचारी भी शामिल हैं। रेलवे के इस निर्णय के विरुद्ध ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) ने विरोध शुरू कर दिया है।

एआईआरएफ के राष्ट्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा और सहायक महामंत्री मुकेश माथुर ने कहा कि रेलवे बोर्ड पिछले दिनों उत्पादन बढ़ने की बात स्वीकार की थी और आश्वस्त किया था किया था कि इस बार बोनस 78 दिन की बजाय बढ़े हुए दिन का दिया जाएगा। बावजूद इसके 78 दिन के बोनस की ही घोषणा की गई है जबकि उत्पादन में बढ़ोतरी के हिसाब से यह 79-80 दिन का दिया जाना चाहिए ऐसे में यह बोर्ड की वादा खिलाफी है। गौरतलब है कि इसके लिए रेलवे के अकाउंट्स विभाग द्वारा जल्द ही अलग से सप्लीमेंट्री बिल पास करके एक ही दिन में सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में बोनस के रुपए डाल दिए जाएंगे।

आरपीएफ के जवानों को भी 6800 रुपए बोनस मिलेगा
रेलवे सुरक्षा बल के उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर, जोधपुर, अजमेर व बीकानेर मंडलों, वर्कशॉप और मुख्यालय (प्रदेश का 90 फीसदी क्षेत्र) में तैनात कांस्टेबल से लेकर निरीक्षक स्तर तक के दो हजार सुरक्षा कर्मियों को भी 6800 रुपए बोनस दिया जाएगा। उन्हें कम बोनस इसलिए मिलेगा क्योंकि उनका बोनस प्रोडक्टिविटी से जुड़ा नहीं है।

यह है रेलवे में दिए जाने वाले बोनस का अर्थशास्त्र :

  •  45 हजार कुल कर्मचारी
  • इनमें से ग्रुप सी के 15 हजार और ग्रुप डी के 25000 कर्मचारी हैं
  • 17951 रुपए प्रति कर्मचारी बोनस बंटेगा
  • यानी उत्तर पश्चिम रेलवे में 80 करोड़ और अकेले जयपुर मंडल और मुख्यालय 21.16 करोड़ रुपए बोनस दिया जाएगा।