शराब महिलाओं के लिए बहुत नुकशान दायक है



अक्सर आपने सुना होगा कि यदि थोड़ी मात्रा में अल्कोहल लिया जाए तो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है लेकिन यह सही नहीं है। पश्चिमी देशों के लिए कही गई इस बात को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

दरअसल, वहां लोग इतनी ज्यादा शराब पीते हैं कि इसे छोडऩे के लिए उनसे कहा ही नहीं जा सकता, शायद इसलिए ऐसा कहा जाता है। वहां की संस्कृति में पले-बढ़े बच्चे बचपन से ही शराब पीने को संस्कृति का हिस्सा मानते हैं और इसका सेवन करने लगते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि बचपन में जिस काम को किया जाता है, वे ही आदतें बनकर समाज में देखने को मिलती हैं। भारतीय संस्कृति में पले-बढ़े बच्चों में ऐसी आदतें कम ही घर करती हैं, क्योंकि उन्हें ऐसी बातें सिखाई नहीं जातीं और ऐसा उन्हें देखने को भी कम ही मिलता है। ऐसे में कम मात्रा में अल्कोहल लेना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, कहकर हम उन्हें गलत आदतों को अपनाने की सीख दे रहे हैं जबकि सच यही है कि यह बात उनके लिए है, जो बहुत अधिक मात्रा में अल्कोहल ले रहे हों जबकि अभी तक इस संबंध में कुछ भी नहीं कहा जा सका है कि मात्रा कितनी हो? हालांकि आज समय काफी बदल चुका है और भारत में भी किशोरों ने बड़ों के साथ रात्रिकालीन पार्टियों में जाना शुरू कर दिया है।

माता-पिता भी यह भूल गए कि बच्चों में अच्छी या बुरी आदतें बचपन से ही डाली जाती हैं। छोटे-छोटे कपड़ों में पार्टियों में जाना, शराब, सिगरेट आदि पीना, लड़कों से रिश्ते बनाना जैसे काम जब किशोरियों को अच्छे लगने लगते हैं तो फिर बुरी आदतों का परिणाम अच्छा कैसे हो सकता है?

फिर हम यह कैसे भूल जाते हैं कि हमारे कल, हमारे भविष्य की नींव ये किशोरियां ही हैं। कल जब ये मांएं बनेंगी तो शराब का यह असर उन पर, उनके बच्चों पर और समाज में देखने को तो मिलेगा ही। शराब पीने वाली महिलाओं पर इसका निम्न रूप से बहुत बुरा असर पड़ता है। शराब का सेवन हृदयगति को तेज कर देता है।