रोजगारपरक योजनाओं में बैंक प्राथमिकता से समय सीमा में ऋण वितरित करे -प्रमुख सचिव एमएसएमई 



जयपुर । प्रमुख शासन सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने राज्य के बैंकों से प्रधानमंत्री रोजगार गांरटी कार्यक्रम और भामाशाह रोजगार सृृजन योजना में अनुशंसा ऋणाें के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की रोजगारपरक महत्वाकांक्षी योजनाआें में जिला उद्योग केन्द्रों, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग और राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा अनुशंसा ऋणों के बैंकों द्वारा समय पर वितरण नहीं करने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।

डॉ. सुबोध अग्रवाल सोमवार को उद्योग भवन में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर कराना केन्द्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता होने से प्रधानमंत्री रोजगार गांरटी कार्यक्रम में लक्ष्यों में ढ़ाई गुणा बढ़ोतरी की गई है वहीं भामाशाह रोजगार सृजन योजना को सरलीकृत करने के साथ ही ब्याज अनुदान 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है।

प्रमुख सचिव ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग और राजस्थान खादी बोर्ड को भी योजना के महत्व और प्राथमिकता समझने को कहा। उन्होंने बैकों द्वारा ऋण वितरण में रुचि नहीं दिखाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आईसीआईसीआई बैंक द्वारा अनुशंसा आवेदनों में से केवल 3 में ऋण वितरण को गंभीरता से लिया।

उद्योग आयुक्त श्री कुंजी लाल मीणा ने नए निर्देशों के अनुसार लक्ष्यों के पुनःनिर्धारण, समय सीमा में ऋण वितरण और रोजगार योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले से अनुसंषित ऋणों के वितरण का कार्य आगामी 15 दिनों में पूरा किया जाए।

        श्री मीणा ने कहा कि दिसम्बर के दूसरे सप्ताह में दोनों रोजगार परक योजनाओं की बैंकों के साथ प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने संपर्क पोर्टल, सीएम हैल्पलाईन और जन शिकायतों के बकाया 7 प्रकरणों के निस्तारण के बैंकों को निर्देश दिए और इस तरह की पुनरावृति नहीं होने देने को कहा।

बैठक में अतिरिक्त निदेशक श्री एलसी जैन, जिला उद्योग अधिकारी श्री मधुसूदन शर्मा, श्री आर.के. आमेरिया, उप निदेशक श्री रबीश कुमार, खादी ग्रामोद्योग आयोग, राज्य खादी बोर्ड व बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।