बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक को ज्यादा प्रतिनिधित्व और स्मृति की बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना


लगातार दूसरे लोकसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह 30 मई को हो सकता है। मोदी मंत्रिमंडल में इस बार पश्चिम बंगाल, ओडिशा और कर्नाटक के सांसदों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। दूसरी तरफ, गांधी परिवार के गढ़ अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी को इस बार मंत्रिमंडल में पदोन्नति मिल सकती है। अमित शाह कैबिनेट मंत्री बनाए जा सकते हैं। पिछली एनडीए सरकार में मोदी मंत्रिमंडल में 71 मंत्री थे।

तीन राज्यों में बड़ी सफलता
पश्चिम बंगाल में 2014 के मुकाबले भाजपा 2 से 18, ओडिशा में 1 से 8 और कर्नाटक में 17 से 25 सीटों पर पहुंची। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बड़े नेता मंत्रिमंडल गठन के बारे में विस्तार से विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन राज्यों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। पश्चिम बंगाल से पिछली सरकार में 2 मंत्री थे। यह संख्या 4 हो सकती है। ओडिशा और कर्नाटक से भी 3-3 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

कुछ की छुट्टी संभव
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि भाजपा के कुछ सांसदों को दोबारा मंत्री नहीं बनाया जाएगा। उनका इस्तेमाल संगठन में किया जाएगा। अमित शाह कैबिनेट मंत्री बनाए जा सकते हैं। स्मृति ईरानी पिछली सरकार में कपड़ा मंत्री थीं। उनको बड़ा मंत्रालय मिल सकता है।

दक्षिण भारत पर नजर
दक्षिण भारत के दो राज्यों तमिलनाडु और केरल में भाजपा का खाता नहीं खुल सका, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन दोनों राज्यों को प्रतिनिधित्व मिलना संभव है। पार्टी दक्षिण भारत में विस्तार करना चाहती है। सहयोगी दलों जैसे जनता दल यूनाइटेड और शिवसेना से 3-3 मंत्री बनाए जा सकते हैं। पिछली बार की तुलना में इस बार महिला मंत्रियों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।