कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की नेताजी की लाइफ पर बनी फिल्म ‘गुमनामी’ पर रोक लगाने की याचिका


नेताजी सुभाष चंद्र बोस और गुमनामी बाबा पर बनी फिल्म ‘गुमनामी’ की रिलीज पर रोक लगाने वाली याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। यह फिल्म दो अक्टूबर को हिन्दी और बंगाली में रिलीज होने वाली है। कोर्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म को पहले सही क्लीन चिट दे दी है तो याचिकाकर्ता को कोर्ट जाने की जरूरत क्या थी।

श्रीजित ने शेयर की जानकारी : फिल्म के डायरेक्टर श्रीजित मुखर्जी ने सोशल मीडिया पर इस जानकारी को साझा किया है। श्रीजित ने लिखा- गुमनामी की रिलीज के खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की। जस्टिस समादार ने कहा- आप किसी पर तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप कैसे लगा सकते हैं, जब अभी तक कोई तथ्य स्थापित ही नहीं हुआ है। हमारी टीम इस ऐतिहासिक फैसले के लिए जस्टिस समादार और माननीय कलकत्ता हाईकोर्ट का धन्यवाद करती है। साथ ही राजदीप मजूमदार जिन्होंने प्रोसेनजीत चटर्जी और मेरी ओर से इस मामले में हमारा पक्ष रखा।

तीन थ्योरीज दिखाएगी फिल्म : गुमनामी बाबा एक साधु के रूप में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में 1970 से 80 के बीच रहे। वहीं नेताजी के बारे में यह तथ्य प्रचलित है कि वे 1945 में हुए एक प्लेन क्रैश में मारे गए थे। फिल्म ‘गुमनामी’ अनुज धर और चंद्रचूड़ घोष की किताब ‘कनन्ड्रम’ पर आधारित है। यह किताब मुखर्जी कमीशन की सुनवाई पर आधारित है। फिल्म गुमनामी नेताजी की मौत की तीन थ्योरीज को बताती है। इन थ्योरीज में उनकी मौत ताइवान में हुए प्लेन क्रैश में होना, उनका रूस में निधन होना और गुमनामी बाबा के रूप में गुप्त रूप से जीवन जीने की कहानी दिखाई जाएगी।