निजामुद्दीन-त्रिवेंद्रम ट्रेन में मां-बेटी की हत्या व लूट का मामला पीएम तक पहुंचा

निजामुद्दीन-त्रिवेन्द्रम सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सात दिन पूर्व हुई लूट व मां-बेटी की हत्या का मामला अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक जा पहुंचा है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर वर्धमान निवासी दिलीप कुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर घटना का हवाला देते हुए कोटा के टीटीई, जीआपी व आरपीएफ के अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा है कि टीटीई ट्रेन में नहीं मिले, एस्कोर्टिंग नहीं थी। दिलीप कुमार ने शिकायत में कहा है कि कोटा रेल मंडल में डीअारएम यूसी जोशी हैं। इस मंडल के टीटीई ही निजामुद्दीन-त्रिवेन्द्रम सुपरफास्ट में ड्यूटी करते हैं। लेकिन, वारदात के दिन ट्रेन के एस-2 कोच में कोई टीटीई तैनात नहीं था।

एसपी जीआरपी आगरा पर सवाल
सुपरिडेंट ऑफ पुलिस जीआरपी आगरा का कार्यप्रणाली पर भी दिलीप कुमार ने सवाल किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेन में मथुरा के अासपास व अन्य इलाकों में लगातार वारदातें होने के बाद भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। क्षेत्र में बदमाश महिलाअों को ही टारगेट करते अा रहे थे। वारदात होने के बाद भी कई लोग अपनी तरफ से प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करवाते हैं। पुलिस कमिश्नर रेलवे दिल्ली ने ट्रेन में एस्काॅर्टिंग की व्यवस्था नहीं की हुई थी। जिससे लुटेरे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से ही ट्रेन के एस-2 सहित अन्य कोच में सवार हो गए। उनका अारोप है कि हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के समय कोच के अासपास भी कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था।

कोच में टीटीई मौजूद होता तो दोनों की जान बच जाती 
लुटेरे ट्रेन में निजामुद्दीन से ही सवार हो गए थे। वे मेरी पत्नी मीना व पुत्री मनीषा के सामने वाली बर्थ नंबर 7 पर बैठे थे। वह सारी गतिविधियां वाॅच कर रहे थे। ट्रेन में टीटीई होते व कोच में सवार यात्रियों को चेक करते तो फालतू लोग नहीं होते और मीना व मनीषा की जिंदगी बच सकती थी।

एसएचओ जीअारपी दुबे के समय अपराध का ग्राफ बढ़ा 
एसएचअो जीअारपी राजेश दुबे पर आरोप लगाया कि निजामुद्दीन-त्रिवेन्द्रम एक्स में हुई वारदात के 4 घंटे बाद एफअाई दर्ज की गई। दिलीप का अारोप है कि दुबे के कार्यकाल में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। ट्रेन में लूटपाट हत्या के मामले में उचित धारा में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

ये है मामला
निजामुद्दीन-त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस के एस-2 कोच के बर्थ नंबर एक, 3 व चार पर निजामुद्दीन से कोटा के लिए दुर्गापुर वर्धमान पश्चिम बंगाल निवासी मीना पत्नी दिलीप कुमार, मनीषा पुत्री दिलीप कुमार व एक अन्य परिजन यात्रा कर रहे थे। मीना अपनी पुत्री मनीषा को कोटा में मेडिकल की कोचिंग में दाखिला करवाने आ रही थी। तड़के लगभग 3.40 बजे वृंदावन रेलवे स्टेशन पर चेनपुलिंग में ट्रेन खड़ी हुई थी। ट्रेन जब चलने लगी उसी समय कुछ बदमाशों ने मीना का पर्स छीना और ट्रेन से कूदने लगे। उसी समय मनीषा भी वहां पहुंच गई। बदमाश से मुकाबला करते समय बदमाश ने दोनों मां-बेटी को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। दोनों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।

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