भ्रष्टाचार के केस में छह महीने से फरार चल रहे आरोपी सीबीआई इंस्पेक्टर ने किया सरेंडर


जयपुर। भ्रष्टाचार के मुकदमे में नामजद और पिछले करीब छह माह से फरार चल रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जयपुर में कार्यरत इंस्पेक्टर प्रकाश चंद मंडीवाल ने सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय पहुंचकर एसीबी के आईजी दिनेश एमएन के सामने सरेंडर कर दिया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक दिनेश एमएन बताया कि सीबीआई पुलिस निरीक्षक प्रकाश चंद को एसीबी जयपुर द्वारा 7 मार्च को रिश्वत के मामले में ट्रैप किया गया था। जो पिछले 6 माह से फरार चल रहा था एवं आरोपी प्रकाश चंद की अग्रिम जमानत याचिका राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा खारिज कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी अग्रिम जमानत याचिका पर 19 अगस्त 2019 को यह आदेश दिए कि प्रकाश चंद 4 सप्ताह में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के समक्ष समर्पण करें। उल्लेखनीय है कि गृह निर्माण सहकारी समिति के कुछ भूखंडों के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सीबीआई जयपुर द्वारा अनुसंधान किए जाने के आदेश दिए थे।

उक्त मुकदमों के अनुसंधान प्रकाश चंद मंडीवाल, पुलिस निरीक्षक सीबीआई जयपुर अनुसंधान अधिकारी के रूप में किया जा रहा था। प्रकाश चंद द्वारा परिवादी को उक्त प्रकरण में बेवजह प्रताड़ित एवं परेशान किया जा रहा था। ताकि वह प्रकाश चंद को रिश्वत दे सके। अनुसंधान अधिकारी प्रकाश चंद ने परिवादी से 1.50 करोड़ रुपए की रिश्वत की राशि दलाल शांतिलाल आंचलिया के माध्यम से मांग की।

जिस पर परिवादी ने 90 लाख रूपये दलाल के माध्यम से पुलिस निरीक्षक प्रकाश चंद को पूर्व में ही दे दी गई थी एवं शेष 60 लाख रुपए भी देने के लिए दबाव बनाने लगा।
जिस पर एसीबी द्वारा ट्रैप कार्रवाई करते हुए दलाल शांतिलाल आंचलिया को 30 लाख रूपय नगद एवं 45 लाख रुपए के सेल्फ चेक सीबीआई पुलिस निरीक्षक प्रकाश चंद के लिए लेते हुए गिरफ्तार किया था। जबकि आरोपी प्रकाश चंद फरार हो गया।