सीडीएस हेलिकॉप्टर क्रैश :जनरल बिपिन रावत की हालत गंभीर; 11 शव मिले



चेन्नई। तमिलनाडु में कुन्नूर के जंगलों में बुधवार दोपहर 12:20 बजे सेना का एमआई-17 वी 5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। घने जंगलों में हुए इस हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत समेत सेना के 13 अफसर सवार थे। रावत के साथ उनकी पत्नी मधुलिका भी थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 11 शव बरामद किए गए हैं, जो बुरी तरह जल चुके हैं। हादसे के करीब एक घंटे बाद यह जानकारी दी गई कि जनरल रावत को वेलिंगटन के मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया है। उनकी स्थिति क्या है, इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जनरल बिपिन रावत गंभीर रूप से घायल हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जनरल रावत के दिल्ली स्थित घर उनके परिवार से मिलने पहुंचे। इस हादसे पर वे संसद में गुरुवार को बयान देंगे।जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं। उन्होंने 1 जनवरी 2020 को यह पद संभाला। रावत 31 दिसंबर 2016 से 31 दिसंबर 2019 तक सेना प्रमुख के पद पर रहे। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग ने श्रद्धांजलि दी अभी जनरल बिपिन रावत के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है, लेकिन सेना के सूत्र और कुछ पूर्व अफसरों ने जनरल बिपिन रावत की मौत को लेकर ट्वीट किया। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग ने जनरल बिपिन रावत को ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी।

हेलिकॉप्टर में ये लोग सवार थे 1. जनरल बिपिन रावत 2. मधुलिका रावत 3. ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर 4. ले. क. हरजिंदर सिंह 5. नायक गुरसेवक सिंह 6. नायक. जितेंद्र कुमार 7. लांस नायक विवेक कुमार 8. लांंस नायक बी. साई तेजा 9. हवलदार सतपाल 85 प्रतिश्त तक जल गए हैं शव न्यूज एजेन्सी के मुताबिक हेलिकॉप्टर सुलूर एयरबेस से वेलिंगटन जा रहा था। हेलिकॉप्टर दोपहर 12:20 बजे तब क्रैश हुआ, जब वह लैंडिंग स्पॉट से महज 10 किलोमीटर दूर था। मौके पर डॉक्टर्स, सेना के अफसर और कोबरा कमांडो की टीम मौजूद है। जो शव बरामद किए गए हैं, उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है, क्योंकि ये 85 प्रतिशत तक जल गए हैं। कुछ और शव पहाड़ी से नीचे नजर आ रहे हैं। हादसे के जो विजुअल सामने आए हैं, उनमें हेलिकॉप्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है और उसमें आग लगी हुई है। रावत का हेलिकॉप्टर पहले भी क्रैश हुआ था, बच गए थे जनरल बिपिन रावत एक बार पहले भी हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो चुके हैं। 3 फरवरी 2015 को उनका चीता हेलिकॉप्टर नगालैंड के दीमापुर में क्रैश हुआ था। तब बिपिन रावत लेफ्टिनेंट जनरल थे। पिछले महीने भी क्रैश हुआ था एमआई-17, सभी 12 सवार मारे गए थे एक महीने के अंदर देश में दूसरा एमआई-17 हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है। पिछला चॉपर 19 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश में क्रैश हुआ था। उस घटना में चॉपर में सवार सभी 12 लोग मारे गए थे।

कारगिल में भी इस्तेमाल हुआ था एमआई-17, भारी बोझ ढोने में सक्षम जिस हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सवार थे, वह रूद्ब-17 सीरीज का हेलिकॉप्टर है। इस हेलिकॉप्टर को सोवियत संघ में बनाया गया था। भारत 2012 से इसे इस्तेमाल कर रहा है। यह मीडियम ट्विन टर्बाइन हेलिकॉप्टर है, जिसमें दो इंजन होते हैं। इस हेलिकॉप्टर को ट्रांसपोर्ट और बैटल दोनों ही रोल में इस्तेमाल किया जाता है।तकनीकी तौर पर एमआई-17 को इसके पिछले वर्जन एमआई-8 में सुधार करके विकसित किया गया था। इस चॉपर में भारी बोझ उठाने की क्षमता है। भारत ने कारगिल युद्ध के समय पाकिस्तानी घुसपैठियों पर अटैक के लिए एमआई-17 का इस्तेमाल किया था। दुश्मन की मिसाइल ने एक एमआई-17 चॉपर को मार गिराया था। इसके बाद ही भारत ने अपने फाइटर जेट को हमले के लिए भेजा था। भारत में इसे वीआईपी ट्रांसपोर्ट के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।