केंद्र सरकार ने राज्य के नाम में बदलाव को नामंजूर किया, ममता ने मोदी को पत्र लिख किया अनुरोध


केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के नाम को बदलकर “बांग्ला’ करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर इस बदलाव को मंजूरी देने का निवेदन किया।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि केंद्र ने राज्य के नाम में बदलाव को मंजूर नहीं किया। इसके लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा- ‘वेस्ट बंगाल’ अंग्रेजी का शब्द है और पश्चिम बंगाल ‘बंगाली’ का, इसलिए यह हमारे राज्य के इतिहास को प्रमाणित नहीं करता।

हालिया सत्र में ही पारित करें: बनर्जी

बनर्जी ने कहा-  मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस संविधान संशोधन को हालिया सत्र में ही पारित करें। राज्य के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल के नाम में बदलाव को शीघ्र मंजूरी देने के लिए केंद्र से अनुरोध करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मसौदा तैयार है। इसे गुरुवार को भेजा जाएगा।
बांग्ला नाम को स्वीकृति दी जाए: सचिव

राज्य मंत्रिमंडल ने 8 सितम्बर 2017 को अंग्रेजी, हिंदी और बंगाली में “बांग्ला’ नाम को मंजूरी प्रदान की थी। ममता बनर्जी ने कहा था कि विधानसभा 26 जुलाई 2018 से इस प्रस्ताव को मानेगा। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव से संपर्क कर पश्चिम बंगाल के नाम को अंग्रेजी, हिंदी और बंगाली में “बांग्ला’ नाम को स्वीकृति देने की मांग की थी।