आरपीएफ का दावा- शताब्दी एक्सप्रेस में लगे कैमरे की मदद से पहली बार चोर पकड़े गए


कालका शताब्दी एक्सप्रेस में लगे सीसीटीवी कैमरों की वजह से यात्रियों का सामान पर हाथ साफ करने वाले दो चोरों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 48 घंटे के अंदर दबोच लिया। दोनों आरोपियों के पास से सात महंगे स्मार्टफोन बरामद हुए हैं। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि ट्रेन में पहली बार सीसीटीवी की मदद से चोर को पकड़ा गया है और उनसे चोरी का माल भी बरामद हुआ।

चोरों ने 19 जून की सुबह कालका शताब्दी एक्सप्रेस के सी-4 कोच से महिला यात्री का मोबाइल उड़ा दिया था। तब ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी थी। इसके बाद ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट दल ने आरपीएफ को चोरी की सूचना दी। चोरों को पकड़ने के लिए आरपीएफ ने स्पेशल टीम बनाई। कोच में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई।

नई दिल्ली स्टेशन से पकड़े गए चोर

फुटेज में दो चोर वारदात को अंजाम देते हुए कैद हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर शुक्रवार को उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। उनसे महिला यात्री का चोरी हुए मोबाइल के साथ ही 6 अन्य महंगे फोन भी मिले हैं। इनकी कीमत करीब दो लाख रुपए है। आरोपियों की पहचान सुमित उर्फ सागर और भानू प्रताप के रूप में हुई है।

4 से 5 सेकंड में वारदात को अंजाम देते थे
सीनियर डिवीजन सिक्योरिटी कमांडेंट एके झा ने बताया कि आरपीएफ टीम ने शताब्दी के कोच में लगे कैमरे की फुटेज कब्जे में ली थी। इसमें देखा गया कि महिला जब समान ऊपर रख रही थी तब दो युवक आए और फोन लेकर कोच से उतर गए। झा ने बताया कि चोर महज 4 से 5 सेकंड में फोन लेकर कोच से फरार हो गया।