कोच का एसी बंद हुआ, 2 बार बैटरी बदली; तसल्ली नहीं हुई तो 3 अफसरों को 92 किमी साथ ले गए यात्री


जोधपुर से बेंगलुरू जाने वाली 16507 जोधपुर-बेंगलुरू एक्सप्रेस का एसी खराब होने पर यात्रियों ने हंगामा किया। दो बार बैटरी बदलने के बावजूद भी यात्रियों को तसल्ली नहीं हुई। वे जिद पर अड़ गए कि बैटरी बदलने के बाद भी एसी नहीं चला तो आगे कि क्या गारंटी। ऐसे में यात्रियों ने तीन अधिकारियों को आगे की यात्रा साथ करने के लिए मजबूर कर दिया। जब कूलिंग ठीक हो गई तभी अफसरों को उतरने दिया। अधिकारियों को 92 किमी तक सफर करना पड़ा।

यह मामला शनिवार का है। जोधपुर-बेंगलुरू एक्सप्रेस के बी 2 और बी 3 कोच का एसी राजस्थान के फालना स्टेशन से ही खराब हो गया था। शिकायत के बाद वडोदरा में रेलवे अफसरों ने बैटरी बदलवा दी। यात्रियों ने बताया, “सूरत स्टेशन आने तक भी कूलिंग नहीं हुई। सभी को घुटन महसूस होने लगी। इसके बाद हमने फिर शिकायत की।”

सूरत में भी बैटरी बदली गई 

  • सूरत में भी बैटरी बदली गई, सूरत में ट्रेन में सवार होने के बाद कोच में कूलिंग तो शुरू हो गई, लेकिन यात्रियों को भरोसा नहीं हुआ। वे जिद पर अड़ गए कि आला अधिकारी उनके साथ सफर करें। इसके बाद सूरत के स्टेशन निदेशक सीआर गरुडा, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक गणेश जाधव, स्टेशन सुप्रीटेंडेंट सीएम खटीक और आरपीएफ के एसआइपीएफ को बी 2 कोच में यात्रियों के साथ बैठना पड़ा।
  • ट्रेन नवसारी तक पहुंची तो एसी काम करने लगा। इसके बाद भी यात्रियों ने एक स्टेशन और आगे चलने की जिद की तो अधिकारियों को वलसाड तक सफर करना पड़ा।
  • सूरत स्टेशन के निदेशक सीआर गरूड़ा ने कहा कि हमने यात्रियों की सुविधानुसार फैसला लिया। कुछ वजह से एसी काम नहीं कर रहा था। यात्रियों ने साथ चलने की मांग की तो मैंने दो अफसरों के साथ उनकी तसल्ली होने तक यात्रा की।