कॉलेज जाएंगी हादिया, मिलेगी हॉस्टल सुविधा : सुप्रीम कोर्ट



नई दिल्ली। केरल के बहुचर्चित लव जिहाद मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि हादिया पढ़ाई के लिए कॉलेज जाएंगी और कॉलेज में हॉस्टल सुविधा मिलेगी। हालांकि, पति के साथ रहने पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते में होगी। हादिया बन चुकीं अखिला अशोकन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं। हादिया ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी आजादी की गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने हादिया से पूछा कि क्या आप सरकारी खर्चे पर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहेंगी?

हादिया ने जवाब दिया, मैं पढ़ाई जारी रखना चाहती हूं लेकिन सरकारी खर्चे पर नहीं। मेरे पति मेरा ख्याल रख सकते हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पढ़ाई के लिए कॉलेज जाएंगी और कॉलेज में हॉस्टल सुविधा मिलेगी। वहीं, हादिया के वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई के दौरान कहा कि हादिया बालिग है, मर्जी से फैसला ले सकती है। अगर बालिग को फैसला लेने का अधिकार नहीं है, अगर ऐसा नही है तो फिर हर शादी पर सवाल उठेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि वह हादिया से बातचीत कर उनकी मानसिक स्थिति का शुरुआती आकलन करेगा। आपको बता दें कि केरल हाई कोर्ट ने हादिया की मुसलमान लडक़े के साथ शादी को रद्द घोषित करते हुए उसे पिता के हवाले करने का आदेश दिया था। हाल ही में केरल की 24 वर्षीय हिदू महिला हादिया ने कोच्चि हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा था कि वह अपने मुस्लिम पति के साथ रहना चाहती है। हादिया ने इस्लाम धर्म अपना लिया है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 30 अक्टूबर को हादिया के पिता अशोकन को निर्देश दिया था कि वह अपनी बेटी को 27 नवंबर को अदालत में पेश करें, ताकि वह शफीन जहां से उसके विवाह के बारे में पता लगा सकें। हदिया के पिता अशोकन ने आवेदन दिया था कि इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में हो। अंतिम सुनवाई में अदालत ने कहा था कि बाद के मुद्दे की जांच करने से पहले, यह पता लगाना है कि हदिया ने स्वेच्छा से इस्लाम कुबूल किया था या नहीं और उसके विवाह को लेकर उसके क्या विचार हैं।

अदालत, शफीन जहां द्वारा केरल हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसने हादिया के साथ उसकी शादी को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को हादिया के इस्लाम अपनाने और उसके विवाह की जांच करने के लिए कहा था।