चोटिल होने से कम हुई मौतें, करंट ने ली जिंदगियां


जसोल में रामकथा हादसे में पांडाल गिरने से चोटिल होकर मौतें कम हुई, जबकि पांडाल में करंट प्रवाह होने से ज्यादा जनहानि हुई। यह बात चार सदस्यीय चिकित्सकों की टीम द्वारा की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई है।

नाहटा अस्पताल की मोर्चरी में किए गए 15 मृतकों के पोस्टमार्टम में 10 लाेगाें की मौत करंट लगने से हुई है, वहीं तीन लाेगाें की मौत सिर पर चोट लगने से (साथ में करंट लगने) से व एक की मौत भारी भरकम वस्तु गिरने पर लगी अंदरुनी चोट से हुई है। इससे स्पष्ट है कि अधिकांश मौतें पांडाल में करंट फैलने से हुई। इधर, पुलिस ने गोपीकिशन राठी की रिपोर्ट पर प्रारंभिक जांच में लापरवाहीपूर्वक कार्य व मानव जीवन पर संकट उत्पन्न करने का अपराधिक कृत्य सामने आने पर मामला दर्ज किया है।

उल्लेखनीय है कि जसोल के एस.एन. वोहरा राजकीय स्कूल में 23 जून को दोपहर 3.30 बजे श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान की ओर से आयोजित रामकथा आयोजन के दौरान पांडाल गिरने व करंट प्रवाह के चलते 15 लोगों की मौत हो गई थी। सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलाेत सहित जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के घर पहुंचकर सांत्वना दी तो अस्पताल में घायलों की कुशलक्षेम पूछी।

10 लाेगाें की करंट लगने से मौत, तीन के सिर में लगी गंभीर चोट
नाहटा अस्पताल में चिकित्सक डॉ. गणपत कच्छवाह, डॉ. वांकाराम चौधरी, डॉ. महेश खत्री व डॉ. प्रेम चौधरी की टीम ने 14 मृतकों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 10 लोगांे की मौत करंट लगने, 3 की मौत सिर में गंभीर चोट (साथ में करंट) व 1 की अंदरुनी चोट लगने से मौत होना सामने आया है।

आरोपियों को नामजद करने में जुटी पुलिस

जसोल निवासी गोपीकिशन ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि 23 जून को जसोल में रामकथा में 800-1000 लोग संत मुरलीधर महाराज के प्रवचन सुन रहे थे। तभी अचानक अंधड़ आने से पांडाल गिर पड़ा। पांडाल गिरने से आई चोटों व बिजली प्रवाह से 15 लोगों की मौत हो गई, वहीं बहुतायत लोग घायल हो गए। पुलिस ने जांच से गुजरे सबूतों के आधार पर आयोजन स्थल पर लगे पांडाल मालिक, जनरेटर व बिजली सप्लाई करने वाले प्रबंधक, मालिक की लापरवाही व उतावलेपन से किए गए कार्य से जनहानि व जनक्षति होना पाया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी आरोपी को नामजद नहीं किया है।