दिल्ली, गुरुग्राम सहित अलवर में रैकी कर चुराते थे दुपहिया वाहन, 5-7 हजार रुपए में करते थे सौदा


जिले में गोविंदगढ़ पुलिस ने गुरुवार को एक अंतराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग देश की राजधानी दिल्ली सहित गुरुग्राम और अलवर जिले के विभिन्न जगहों पर वाहन चोरी की वारदातें करते थे। इसके बाद भरतपुर और यूपी में महज पांच से सात हजार रुपए में इन चुराए गए वाहनों को बेच देते थे। पुलिस ने गिरफ्तार वाहन चोरों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चुराई गई 18 बाइक बरामद की है।

पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोविंदगढ़ थाना प्रभारी महेश शर्मा को सीआईयू टीम ने सूचना दी थी। उनके इलाके में हाई स्कूल से चिमरवाड़ा रोड की तरफ दो जने चोरी की बाइक पर आ रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों व्यक्ति दया सिंह निवासी गड़तेसकी थाना सीकरी जिला भरतपुर व सुनील निवासी गंदिला थाना गोविंदगढ़ को बाइक सहित हिरासत में लेकर थाने लाई और पूछताछ की।

पूछताछ में दोनों ने बाइक गोविंदगढ़ कस्बे से चोरी करना बताया। कड़ी पूछताछ में अन्य साथी राजा उर्फ निरभोसिंह के साथ बाइक चोरी की अनेक वारदात कबूली। जिस पर पुलिस ने राजा उर्फ निरभोसिंह पुत्र भरत सिंह निवासी बुड़ली थाना सीकरी जिला भरतपुर को प्रोडक्शन वारंट पर अलवर जेल से गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की 18 बाइक बरामद की।

आरोपी अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़, खैरथल, गोविंदगढ़, रामगढ़, किशनगढ़ बास सहित अलवर शहर व दिल्ली, रेवाड़ी, गुड़गांव आदि अन्य क्षेत्रों से जो बाइक रोड पर खड़ी होती थी उन्हें मास्टर चाबी द्वारा लॉक तोड़ कर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। चोरी के बाद आरोपी बाइक को भरतपुर जिले में 5 से 7 हजार रुपए में बेचान करते थे।

ये लोग घर के बाहर सुने स्थानों पर खड़ी होने वाली बाइकों को पहले आरोपी दिन व रात में देखकर चिन्हित करते और उन्हीं स्थानों पर चोरी की घटना को अंजाम देते है, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होते। वहां से बाइक चोरी कर बाइक को भरतकूप बेफिक्री में ले जाकर बेचान करते थे।