पवन व्यास हत्याकांड के गुनाहगारों की गिरफ्तारी की मांग, विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला


हनुमानगढ़ जिले के नोहर कस्बे में हुए पवन व्यास हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और फरार आरोपियों की मांग को लेकर सोमवार को विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान में विधानसभा पर प्रदर्शन किया। इससे यह मुद्दा फिर गरमा गया। विधानसभा के अंदर और बाहर भी यह मामला गूंजा।

इस विरोध प्रदर्शन में पवन व्यास के पिता रामस्वरूप व्यास सहित विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और रिश्तेदार सैंकड़ों की संख्या में मौजूद रहे। इससे पहले प्रदर्शनकारी सोमवार दोपहर को जयपुर कलेक्ट्रेट सर्किल से विधानसभा तक एक पैदल मार्च के रुप में विधानसभा पहुंचे थे।

इस रैली में प्रदेश के कई अन्य इलाकों से भी सामाजिक संगठनों के लोगों ने पहुंचकर समर्थन दिया। बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा देने की मांग को लेकर मृतक पवन व्यास के पिता रामस्वरूप व्यास, विफा युवा के मुकेश रामपुरा, विकास डुमोली आदि 15 सदस्य नोहर से जयपुर तक की 311 किमी न्याय यात्रा लेकर शनिवार को यहां पहुंचे थे।

जयपुर रैली का नेतृत्व न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अशोक केशोट, पं.देवीशंकर शर्मा, विफा युवा के सुनील उदईया, विफा के राष्ट्रीय पदाधिकारी पवन पारीक, विनोद अमन, विष्णु पारीक आदि कर रहे थे।

प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़, कांग्रेस विधायक डॉ राजकुमार शर्मा, अमित चाचाण, राकेश पारीक, भाजपा विधायक धर्मनारायण जोशी, अभिनेष महर्षि, संजय शर्मा, रामलाल शर्मा, भाकपा विधायक बलवान पूनिया आदि ने भी प्रदर्शनकारियों के पास पहुंच अपना समर्थन जताया।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस-भाजपा-भाकपा के नेताओं की मौजूदगी में सरकार से विधानसभा भवन वार्ता के लिए पहुंचे। जहां सरकार ने एसओजी का अस्थाई कैम्प नोहर में लगवा जांच में तेजी लाने सहित शीघ्र हत्याकांड के पर्दाफाश का भरोसा दिलवाया।

सरकार की ओर से भी यह भी बताया गया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करण शर्मा के नेतृत्व में 24 सदस्यीय टीम को लगाया है। हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाले को 50,000 रुपए का इनाम भी रखा गया हैं।

इस टीम की ओर से डेढ़ दर्जन लोगों को सूचीबद्ध कर गहन पूछताछ की गई हैं। हत्याकांड से जुड़े सबूतों को खंगाला जा रहा हैं। इन सभी मांगों को प्रभारी मंत्री शांति धारीवाल ने न केवल सुना बल्कि हाथो हाथ पुलिस अधिकारियों को निर्देश भी दिए।