धौलपुर में आमजन ने सुराज का जश्न मनाया


जयपुर। राज्य सरकार के 4 साल पूरे होने पर धौलपुर जिला मुख्यालय पर आयोजित भव्य समारोह में भारी संख्या में आमजन ने शामिल होकर सुराज का जश्न मनाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऊर्जा राज्य मंत्री एवं धौलपुर जिला प्रभारी श्री मंत्री श्री पुष्पेन्द्र सिंह ने राज्य और जिले में गत 4 वर्षों में हुए विकास कार्यों को आमजन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि जितनी सडक गत 15 साल में नहीं बनी, उससे अधिक गत 4 वर्ष में बनी है। सड़कों के विकास पर 18553 करोड़ रुपये का व्यय हुआ, कुल 1662 गांवों व 3981 ढाणियों को सड़कों से जोड़ा। 20725 कि.मी. लम्बी नवीन सड़कें बनी। 7 आरओबी का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 18 आरओबी का कार्य प्रगति पर है।
ग्रामीण गौरव पथ के प्रथम चरण में 1973 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर 1726 कि.मी. गौरव पथ 868.60 करोड़ की लागत से बने। द्वितीय चरण में 2086 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर 2098 कि.मी. लम्बे 1253 करोड़ रुपये के गौरव पथ स्वीकृत हुए। इनमें से 1673 कि.मी. लम्बे गौरव पथों का निर्माण पूर्ण ।
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में 1715 बीमारियां कवर करते हुए 67 प्रतिशत आबादी को योजना से जोडा गया। इससे आमजन के साथ-साथ सरकार को भी फायदा मिला । राज्य सरकार ने बत वर्ष बीमा प्रीमियम के रूप में केवल 400 करोड रुपये व्यय किए लेकिन इसके बदले में 600 करोड रुपये बीमा कम्पनियों ने क्लेम के रूप में राज्य सरकार को दिए ।
प्रदेश में 8 नये मेडिकल कॉलेज चूरू, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, भरतपुर, बाड़मेर, पाली, अलवर एवं सीकर में स्वीकृत हुए हैं। इससे भविष्य में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री जल स्ववलम्बन अभियान के प्रथम चरण में 3529 गांवों में 95 हजार से अधिक जल संरक्षण के कार्य कार्य हुए । द्वितीय चरण में 4213 गांवों में एक लाख 28 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण किये गये। राजस्व लोक अदालत से गॉंवों में सौहार्द का माहौल बना है, ग्रामीणों का मुकदमों में खर्च होने वाला पैसा बचा है।
उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधार की चर्चा करते हुए कहा कि बिजल कम्पनियों की स्थिति सुधारने के लिए उदय योजना लागू की गई तथा बिजली कम्पनियों का 62422 करोड़ रुपयेे का ऋण भार राज्य सरकार ने अधिग्रहित किया जिससे उपभोक्ताओं पर भार नहीं पडा। कृषि उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई विद्युत दरों का 8200 करोड़ रुपयेे का वार्षिक भार राज्य सरकार ने वहन किया। नई सौर ऊर्जा नीति जारी कर लगभग 26000 मेगावॉट के सोलर पार्क व 17500 मेगावॉट के सोलर प्लान्ट हेतु एम.ओ.यू किये गये। मुख्यमंत्री विद्युत सुधार अभियान के तहत 8489 फीडरों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। सौभाग्य योजना और  दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के माध्यम से सन 2019 के बाद कोई भी घर चाहे वह आबादी भूमि में हो या गैर आबादी में, विद्युत कनेक्शन से वंचित नहीं रहेगा। धौलपुर जिले में 33 के वी के 15 तथा 132 के 3 जीएसएस स्वीकृत हुए। मुख्यमंत्री बिजली सुधार कार्यक्रम में 3 चरणों में 7.69 करोड रुपयेे खर्च कर लाइन बदली गई, मरम्मत की गई, नये मीटर लगे, पोल बदले। 1.25 करोड रुपयेे की लागत से धौलपुर में अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय बना। आजादी के बाद से बिजली से वंचित 9 गांव सेवरपाली, उवासा, बरपुरा,नयापुरा, पाली,राघोल, भारली,सायपुर और गवां रोशन हुए। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में 43 करोड खर्च कर 14 गांवों में विद्युत कनेक्शन दिये जायेगें।
राजस्थान वक्फ विकास परिषद के अध्यक्ष श्री अब्दुल सगीर खान ने जिले में हुए अभूतपूर्व विकास के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के लिए 100 करोड रुपयेे का बजट आवंटन कर राज्य सरकार ने जिले को बहुत बडा तौहफा दिया है।
जिला प्रमुख डॉ0 धर्मपाल सिंह ने धौलपुर लिफ्ट की वर्षों पुरानी मॉंग पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की प्रशंषा करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत में जिले की 171 में से 142 ग्राम पंचायत ओडीएफ हो चुकी है। धौलपुर, राजाखेडा और सैंपऊ पंचायत समितियॉं ओडीएफ हो चुकी हैं।
पूर्व विधायक श्री रविन्द्र सिंह बोहरा ने बताया कि धौलपुर लिफ्ट परियोजना राजाखेडा का सपना था। इस सपने को हकीकत में बदल कर मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने क्षेत्र की खुशहाली के बीज बो दिए हैं।
पूर्व विधायक श्री जसवन्त सिंह ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को आम आदमी के लिए वरदान बताया तथा कहा कि मुख्यमंत्री जी ने सारी योजनाऎं आम आदमी को केन्द्र में रखकर बनाई है। स्वच्छ भारत मिशन में जिले की 171 में से 142 ग्राम पंचायत ओडीएफ हो चुकी है। धौलपुर, राजाखेडा और सैंपऊ पंचायत समितियॉं ओडीएफ हो चुकी हैं। गत 4 साल में जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 153185 शौचालय निर्मित हुए हैं। इस मिशन की सफलता में जिला कलेक्टर शुचि त्यागी की अहम भूमिका रही।
प्रदर्शनी का किया उद्घाटन-जनसभा से पूर्व प्रभारी मंत्री ने फीता काट कर विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें गत 4 वर्ष में राज्य और जिले में हुए विकास और सफलता की कहानियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में स्कूली विद्यार्थियों ने विज्ञान और पर्यावरण सम्बन्धी मॉडल भी प्रदर्शित किए। प्रभारी मंत्री ने बडे गौर से  प्रदर्शनी देखी तथा इसके शानदार प्रजेन्टेशन के लिए जिला कलेक्टर की प्रशंषा की। इस अवसर पर सहकार मेला भी आयोजित हुआ।
विकास पुस्तिका का हुआ विमोचन-प्रभारी मंत्री व अन्य अतिथियों ने जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित जिला विकास पुस्तिका का विमोचन किया। इसमें गत 4 वर्ष में जिले में हुए विकास कार्यों को दर्शाया गया है।
चैक, स्कूटी, ट्राई साइकिल का वितरण-व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं में पात्र लोगों को कार्यक्रम में लाभान्वित किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सरमथुरा से कक्षा 12 उत्तीर्ण करने वाली छात्रा उर्मिला मीणा तथा वीरमति मीणा को स्कूटी की चाबी सौंपी गई। शुक्ला और हेमलता निवासी ढोंढर का पुरा तथा माया एवं रामबेटी  निवासी सैंपऊ पचायत समिति को प्रधानमंत्री आवास योजना ( ग्रामीण) में आवास बनाने के लिए स्वीकृति आदेश दिए गये। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में सुरौठी निवासी मीरा और सोनवती को गैस कनेक्शन वितरित किए गये। राजश्री व जननी सुरक्षा योजना में मोना और बेबी को लाभ राशि के चैक दिए गये । दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय शहरी  आजीविका मिशन में राजू को ऑटो रिक्शा और मुन्ना को ई- रिक्शा वितरित किया गया। इसी योेजना में साईनाथ स्वयं सहायता समूह, भामतीपुरा और राधा कृष्ण स्वयं सहायता समूह, नन्द कह बगीची को 10-10 हजार रुपयेे के चैक सौंपे गये। निर्माण श्रमिक की संतान शिवराम को 10 हजार रुपयेे तथा रमा को 15 हजार रुपयेे छात्रवृत्ति के रूप में दिए गये। श्रम विभाग की प्रसूति सहायता योजना में मिथलेश को 20 हजार रुपयेे का चैक दिया गया। सामान्य वर्ग की मेधावी छात्रा स्कूटी वितरण योजना में बाडी राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा दीक्षा गर्ग तथा वेंश स्कूल, धौलपुर की छात्रा कुमकुम सिंघल को स्कूटी वितरित की गई। मेधावी छात्र आशित तिवारी निवासी मनिया और दीपम शर्मा निवासी धौलपुर को 15-15 हजार रुपयेे के चैक दिये गये। बाडी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के रोहित अग्रवाल तथा रविन्द्र सिंह मीना एवं मरैना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की निधि सक्सेना को लेपटॉप वितरित किए गये। सिलकोसिस से मृत 7 व्यक्तियों के आश्रितों को 1.5-1.5 लाख रुपयेे सावधि जमा के चैक दिए गये। इन्हें1.5-1.5 लाख रुपयेे की सहायता पूर्व में मिल चुकी है।