भूलकर भी इस दिन न तोड़ें तुलसी के पत्ते



हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। हर घर में तुलसी मां की पूजा की जाती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने ले खुशहाली और समृद्धि आती है। इस पौधे को घर में लगाने से घर पर कभी भी धन का संकट नहीं मडराता है। शास्त्रों में तुलसी के पत्ते को तोड़ने और लगाने के बारे में कुछ नियम बताए गए हैं। जानते हैं इन नियमों के बारे में ।

तुलसी के पत्ते तोड़ते समय इस मंत्र का जाप करें-

मातस्तुलसि गोविंद हह्यानंद कारिणी

नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते ।।

वास्तु के अनुसार, तुलसी को हमेशा घर के उत्तर और पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। दक्षिण दिशा और रसोईघर के पास कभी भी तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए।

रविवार और मंगलवार के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। रविवार का दिन भगवान विष्णु का सबसे प्रिय दिन माना जाता है। इसके अलावा तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय होती है इसलिए रविवार के दिन तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए।

शुक्रवार को कभी तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए।

एकादशी, संक्रान्ति, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और शाम के समय में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। साथ ही बेवजह कभी भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए।

कभी भी बिना नहाये तुलसी के पत्तें नहीं तोड़ने चाहिए।

अमावस्या, एकादशी और चौदस तिथि को कभी भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।

शाम को तुलसी जी के पौधे के सामने दीपक अवश्य जला दें।

गणेश और शिव जी की पूजा में तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल न करें।

विष्णु और हनुमान जी के भोग में तुलसी अवश्य डालें।