प्रदेश में सेवारत चिकित्सकों ने फिर किया कार्य बहिष्कार, सख्ती से निपटेंगे-सराफ 



जयपुर। प्रदेश में सेवारत चिकित्सकों के साथ समझौते के महज 15 दिन बाद ही एक दर्जन चिकित्सक नेताओं के तबादले से फिर सरकार और सेवारत चिकित्सक आमने-सामने हो गए हैं। चिकित्सक नेताओं के तबादले से खफा सेवारत चिकित्सक एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं।
आज प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सुबह 9 से 11 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। जिससे अस्पतालों में अव्यवस्थाएं फैल गईं। वहीं बाद में चिकित्सकों ने मरीजों को जिला अस्पतालों के बाहर टैंट लगा कर देखा। सेवारत चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों ने सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया है। गुरुवार को कोर कमेटी की बैठक के बाद आंदोलन की नए सिरे से रणनीति बनाई जाएगी।

मंगलवार शाम को स्वास्थ्य निदेशालय ने सेवारत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी समेत एक दर्जन चिकित्सक नेताओं के तबादले कर दिए।गौरतलब है कि इससे पहले इसी महीने 6 नवंबर से 11 नवंबर तक सेवारत चिकित्सकों की एक सप्ताह तक चली हड़ताल के कारण प्रदेश के अस्पतालों में मरीज परेशान हो गए थे। इस दौरान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 30 मरीजों की मौत इलाज के अभाव में हो गई थी उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने भी डॉक्टर हड़ताल के दौरान 30 लोगों की मौत पर सख्त रुख दिखाया था। कोर्ट ने हड़ताल के दौरान 30 रोगियों की मौत पर मुआवजा देने के निर्देश भी दिए। कोर्ट ने कहा है कि राशि हड़ताली डॉक्टरों से वसूल की जाए और इसके लिए डॉक्टरों की जवाबदेही तय की जाए।

सख्ती से निपटेंगे-सराफ

सेवारत चिकित्सक अगर हड़ताल पर जाते हैं तो उनसे सख्ती से निपटा जाएगा। अस्पतालों में वैकल्पिक इंतजाम कर लिए गए हैं।
कालीचरण सराफ, चिकित्सा मंत्री

सरकार ने विश्वासघात किया
सरकार ने समझौते का पालन करने के बजाय विश्वासघात किया है। आज सांकेतिक कार्य बहिष्कार रखा गया। कल बैठक में आंदोलन की रणनीति तय होगी।
डॉ. दुर्गा शंकर सैनी, प्रदेश महा सचिव, सेवारत चिकित्सक संघ