आजीविका के माध्यम से प्रदेश की 11लाख महिलाओं के जीवन में आया आर्थिक और सामाजिक बदलाव 


जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री श्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि प्रदेश में भारत सरकार द्वारा संचालित आजीविका कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे स्वयं सहायता समूह के माध्यम से प्रदेश की 11लाख  महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक जीवन में भारी बदलाव हुआ है। उन्होंने बताया कि महिलाएं बैंक एवं आजीविका संवर्धन, कौशल विकास, महात्मा गांधी नरेगा रोजगार सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत व्यक्तिगत लाभ के कार्य एवं सरकार की अन्य योजनाओं का भरपूर लाभ उठा कर स्वयं के साथ अपने पूरे परिवार को भी सक्षम बनाने का काम कर रही हैं।
          श्री राठौड़ शनिवार को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के तत्वाधान में ग्राम स्वराज अभियान के तहत जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर सीतापुरा के सभागार में आयोजित आजीविका एवं कौशल विकास मेले का उद्घाटन  समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा है कि प्रदेश के 146 ब्लॉकों के 11375 गांव में 93933 स्वयं सहायता समूह वर्तमान में कार्य कर रहे हैं ,जिन्होंने अपनी वितिय समावेशन के अंतर्गत 80332 समूह में ने बचत खाता खुलवाकर आजीविका संवर्धन के लिए 698 कराड़े रुपए की सहायता दी गई। इसी प्रकार 33733 स्वयं सहायता समूह को बैंकों के माध्यम से 265 करोड़ रुपए का लघु उद्योग में आपसी धंधे के लिए ऋण दिया गया है।
  श्री राठौड़ ने कहा कि आज हम कह सकते हैं सही मायने में महिलाओं द्वारा महिलाओं के साथ पूरे समाज का सशक्तिकरण किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान  में ब्लॉक स्तर पर दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, राज्यस्तरीय बैंक समितियां, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, सहकारी विभाग, उद्योग विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग को इन समूह से जोड़ा गया है।
    पंचायती राज मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 10 जिलों में 10850 गरीब परिवारों को समुदाय को ऑर्गेनिक कृषि के लिए,12 जिलों के 52 हजार 32 परिवारों को बकरी पालन ,डेयरी क्लस्टर विकास कार्य, 14 जिलों के फसलों विकास के लिए 49790 तथा 10 जिलों में 11788 सब्जियों की पैदावार की नई तकनीकों से जोड़ने के लिए के लिए कार्य किया जा रहा है तथा महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के माध्यम से 35652 समूह सदस्यों को गैर कृषि के अंतर्गत 12365 महिलाओं को लघु उद्योग काम करने के करने तथा चूरु जिले में बूंदी बंधेज कार्य को बढ़ावा देने के लिए 350 समूह सदस्यों को संगठित कर उत्पादन कंपनी स्थापित की गई है। इसी तरह  44345 समूह सदस्य परिवारों को महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से व्यक्तिगत लाभ प्राप्ति के कार्य से जोड़ा गया है तथा 27700 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराकर आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। इसी प्रकार राज्य मैं आजीविका केेे अंतर्गत मार्च 2018 तक 1240 करोड रुपए व्यय किए गए हैं।
इस अवसर पर सांसद श्री रामचरण बोहरा ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की मदद से महिलाओं के जीवन में बड़े बदलाव आ रहे हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत हो सकती हैं। इससे उन्हें इससे वे सक्षम बनकर पूरे परिवार का जीवन स्तर सुधार रही हैं।
 इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं आजीविका मिशन केेे निदेशक श्री राजेश्वर सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार आजीविका के माध्यम से महिलाओं  को छोटे-मोटे व लघु धंधों से जोड़कर उनके आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए भरपूर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज एवं परिवार के विकास मेंं महत्वपूर्ण योगदान होता है जो  आज हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश की अन्य महिलाओंं को आजीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपने आप को आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम बनने का आह्वान किया।
 इस अवसर पर पंचायत राज विभाग के शासन सचिव श्री कुंजीलाल मीणा, नाबार्ड बैंक के श्री राजेश सिंह , ग्रामीण विकास संयुक्त शासन सचिव श्री सीमा सिंह, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि व पूरे प्रदेश से विभिन्न जिलों स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थे।
  स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सुनाई सफलता की कहानियां
  इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूूूह की महिलाओं ने आजीविका कार्यक्रम  से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आए बदलाव एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता बनने की  सफलता की कहानियां सुना कर अन्य महिलाओं को भी स्वयंं सहायता  समूहाें से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। डूंगरपुर जिलेेे से निरजा देवी ने जीवन में आए बदलाव की कहानी बतातेेेे हुए कहा कि संघर्ष के बाद जीवन में सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद आज उनका परिवार सुखी से जीवन यापन कर रहा है।
 चूरु जिले की खजौली गांव में समूह की महिलाएं  खोलेगी दाल मिल
    चूरु  जिले की मंजू कंवर एम सुमन स्वामी ने अपनी सफलता कहानी सुनाते बताया आजीविका तहत बनाए गए स्वयंं सहायता जुड़ने के बाद जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। आज समूह के सहयोग से 11 सौ सदस्यों   सहयोग से गोरखनाथ कंपनी स्थापित की है। कंपनी चूरू जिले के खासोली गांव मेंं शीघ्र ही दाल मिल स्थापित करनेेे जा रही है। दाल मिल लगाने केेे लिए अहमदाबाद से ढाई लाख रुपए की लागत से मशीन मंगाई गई है । स्वयं सहायता समूह अपनी दाल तैयार कर लोगों को बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराएगा।
                                       उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित
 कौशल विकास मेले में स्वयं सहायता समूह एव विभिन्न बैंकों द्वारा आजीविका मिशन के तहत महिला समूह को सहयोग देने एवं महिलाओं समूह द्वारा समूह बनाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं समूह को प्रशस्ति पत्र स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
 पांच करोड़ के ऋण वितरित किए
   ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री राजेंद्र राठौड़ व अन्य उपस्थित अतिथि द्वारा 116 स्वयं सहायता समूह को स्वरोजगार के लिए लघु उद्योग धंधे लगाने के लिए 5 करोड रुपए ऋण प्रदान किए गए।
 दो युवा बेरोजगारों को दिया नौकरी का ऑफर लेटर
  ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री राजेंद्र राठौड़ ने स्वयं सहायता समूह द्वारा कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के बाद 2 युवाओं को नौकरी मिलने के ऑफर लेटर प्रदान किए। जयपुर जिले के फागी तहसील के रहने वाले श्री बाबूलाल बैरवा को बिग बाजार में तथा सुमेर सिंह को नौकरी ज्वाइन करने के ऑफर लेटर प्रदान किए।