कर्ज में डूबे किसान ने परेशान हाेकर आत्महत्या की, बैंक अधिकारी और व्यापारियों के खिलाफ केस


लाखों रुपए कर्ज में डूबे किसान ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बैंक अधिकारियों और व्यापारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। नाल पुलिस थाना क्षेत्र के स्वरूपदेसर निवासी मानाराम उर्फ हड़मानाराम जाट (47) पर लाखों रुपए का कर्जा था।

परेशान होकर उसने एक जून को खेत के झोंपड़े में जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया। इलाज के दौरान सात जून की शाम को उसने दम तोड़ दिया। एसएचओ अशोक बिश्नोई ने बताया कि हनुमानराम के पुत्र शिवरतन जाट ने अपने पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोपप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है।

पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि मानाराम ने मरुधरा ग्रामीण बैंक से 15 लाख रुपए का लोन और कृषि उपज मंडी के व्यापारियों से 20 लाख रुपए का कर्जा ले रखा था। इसके अलावा भी अन्य लोगों से 20 लाख रुपए उधार ले रखे थे। बैंक के अधिकारी और व्यापारी उसके पिता को लगातार परेशान कर रहे थे और घर आकर धमकी भी देते थे जिससे उसके पिता तनाव में रहने लगे।

उन्होंने अपनी जमीन बेचने का भी प्रयास किया जिससे कि कर्जा चुके सके, लेकिन ग्राहक नहीं मिला। परेशान होकर मानाराम ने बैंक अधिकारियों और व्यापारियों से परेशान होकर मानाराम ने जहर खा लिया।