पिता हरिवंश राय ने दी थी बिग बी को सीख- मन का हो तो अच्छा, मन का ना हो तो और भी अच्छा


16 जून को फादर्स डे के मौके पर हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के उन सेलेब्स के बारे में जिन्होंने अपनी पिता से मिली कुछ महत्वपूर्ण सीखों को जिंदगी में उतारा और आगे बढ़ते चले गए।

इन सेलेब्स को पिता से मिली ये सीख

  1. अमिताभ बच्चन को पिता ने दी सीख-मन का हो तो अच्छा और मन का ना हो तो और भी अच्छा

    अमिताभ बच्चन को नाटकों में भाग लेने का शौक बचपन से था. नैनीताल में जब वह पढ़ाई कर रहे थे तो शेरवुड कॉलेज में भी वह नाटक करते थे और बाद में दिल्ली में अपने ग्रेजुएशन के दौरान किरोड़ीमल कॉलेज में भी नाटकों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते देखा गया था। ऐसे में एक नाटक के मंचन से कुछ देर पहले एक बार अमिताभ इतने बीमार पड़ गए थे कि वह नाटक में भाग नहीं ले सके। इस बात से बिग बी बेहद निराश हो गए. तब उनके बाबूजी ने उनके पास शेरवुड जाकर उन्हें हिम्मत देने के साथ यह सीख भी दी और कहा -मन का हो तो अच्छा और मन का ना हो तो और भी अच्छा।

  2. शाहरुख खान के पिता की सीख- जिसमें दिली खुशी मिले वो करना

    शाहरुख खान ने अनुपम खेर के शो कुछ भी हो सकता है में पिता मीर ताज मोहम्मद से जुड़ी कई बातें शेयर की थीं। जब उनसे पूछा गया कि उनके वालिद उन्हें क्या बनते देखना चाहते थे? तो उनका जवाब था, “मैं 15 साल का था, जब उनकी फौत (निधन) हो गई। इसलिए मौका नहीं मिला कि वो बताएं कि क्या बनूं। लेकिन एक दो-बातें बोलते थे, जो मुझे अब भी याद हैं। कहते थे कि जिस चीज में दिली खुशी हो वो बनना। मैं उनके बहुत करीब था, वो मेरे दोस्त की तरह थे। हमेशा बोलते थे कि काम करना और न करो तो वो भी ठीक है। क्योंकि, जो कुछ नहीं करते, वो कमाल करते थे। वो कहते थे हॉकी जरूर खेलना, हमारा नेशनल सपोर्ट है। वो खुद खेलते थे। इसलिए मैंने कुछ हॉकी जरूर सीखी।”

  3. रणवीर सिंह: पिता की सीख पैसे बचाओ, लापरवाह मत बनो

    रणवीर सिंह ने 2016 में एक इंटरव्यू में कहा था, “मेरे पिता की सीख है कि पैसे की बचत करो, इसे लेकर लापरवाह मत बनो।” रणवीर की मानें तो उनके बिजनेसमैन पिता जगजीत सिंह भवनानी बेहतरीन मनी मैनेजर हैं और वो यह मानते हैं कि पैसा भी उतना ही काम करता है, जितनी कड़ी मेहनत फिल्मों के लिए उनका बेटा करता है। रणवीर ने एक अन्य इंटरव्यू में बताया था, “जब मैं छोटा था, तब हमारे पास ज्यादा पैसा नहीं था। इसलिए मेरे पेरेंट्स खूब बचत करते थे, ताकि गर्मियों में हम हॉलिडे के लिए विदेश जा सकें। मुझे इंडोनेशिया, सिंगापुर, इटली की ट्रिप याद हैं। हम अक्सर यूएस जाते थे, क्योंकि वहां हमारे कई फैमिली मेंबर्स रहते हैं।”

  4. सलमान खान के पिता की सीख- इंसान अपनी बर्बादी का खुद जिम्मेदार

    सलमान खान हर साल लगभग एक फिल्म बॉक्सऑफिस पर लाते हैं , जो आसानी से 100 करोड़ रुपए की कमाई कर जाती है। लेकिन 90 के दशक में ऐसा भी दौर आया था, जब कुछ हिट फिल्में देने के बाद सलमान ने काम करना बंद कर दिया था। वो अपने स्टारडम को अगले स्तर पर ले जाने की बजाय इसे एन्जॉय करने लगे थे। पार्टी करने में व्यस्त रहने लगे थे। तब पिता सलीम खान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अपने करियर की बर्बादी के जिम्मेदार वो खुद होंगे। सलमान के एक इंटरव्यू के मुताबिक, सलीम खान ने कहा था, “भगवान यह चाहते नहीं हैं। हम यानी तुम्हारे फैमिली मेंबर्स भी ऐसा नहीं चाहते और तुम्हारे फैन भी यह नहीं चाहते। इसलिए अगर कोई तुम्हे बर्बाद करेगा, तो वो खुद तुम ही होगे।” बीवी हो तो ऐसी (1988) से बॉलीवुड डेब्यू कर चुके सलमान खान ने 90 के दशक में अंदाज अपना अपना, हम आपके हैं कौन, करन अर्जुन, जुड़वां, प्यार किया तो डरना क्या, बीवी नंबर 1 और हम दिल दे चुके सनम जैसी हिट फिल्मों में काम किया था।

  5. संजय दत्त के पिता ने दी अनुशासन की सीख

    संजय दत्त ने फारुख शेख के शो जीना इसी नाम में स्वीकार किया था कि पिता सुनील दत्त ने उन्हें अनुशासन में रहना सिखाया। उन्होंने बताया था कि सुनील दत्त और नरगिस दत्त ने उन्हें किसी स्टारकिड की तरह नहीं, बल्कि एक आम बच्चे की तरह पाला है। संजय ने एक किस्सा भी शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि जब वो करीब 10 साल के थे, तब घर में सुनील दत्त और उनके दोस्तों की एक पार्टी चल रही थी और वो सिगरेट पी-पीकर वहीं फेंक रहे थे। संजू सोफे की आड़ से फेंकी हुई सिगरेट का कश लगाते थे। ऐसी ही बुरी आदतों के चलते सुनील दत्त ने उन्हें सनावद के लॉरेन बोर्डिंग स्कूल भेज दिया था, जहां वो 10 साल रहे। सालों बाद संजय दत्त ने एक इंटरव्यू में माना था कि बोर्डिंग स्कूल में उनकी लाइफ भले ही मुश्किल रही हो, लेकिन आज वो जो हैं, अपने पिता के उसी फैसले की वजह से हैं। इस इंटरव्यू में संजय ने यह भी कहा था कि उनके माता-पिता की पहली सीख यह थी कि सबसे पहले बेहतर इंसान बनो। बाकी पैसा, शोहरत सबकुछ इसके बाद आता है।

  6. अक्षय कुमार को पिता ने सिखाया हर दिन को एन्जॉय करना

    अक्षय कुमार बॉलीवुड के सबसे फिट एक्टर्स में से एक हैं। लेट नाइट पार्टियों को अवॉयड करने वाले अक्षय रोज सुबह 4 बजे उठ जाते हैं। 2018 में फिल्म केसरी के एक प्रमोशनल इवेंट में उन्होंने कहा था कि बचपन से अब तक ऐसा कोई दिन नहीं गया, जब वो सूर्योदय के पहले न जागे हों। अक्षय ने कहा था, “मैं ऐसा किसी दबाव में नहीं करता। बल्कि मुझे इसमें मजा आता है। अब तक की लाइफ में कभी ऐसा कोई दिन नहीं बीता, जब मैंने सुबह का सूरज न देखा हो। मेरे पिता आर्मी में थे। उन्होंने मुझे हर दिन को एन्जॉय करना सिखाया और जिंदगीभर मैं ऐसा ही करूंगा।” अक्षय के मुताबिक, जब वो पैदा हुए, तब तक पिता आर्मी छोड़ चुके थे। हालांकि, उन्होंने अक्षय को आर्मी के तौर-तरीकों से ही बड़ा किया। अक्षय के मुताबिक, पिता सुबह 5 बजे उन्हें उठा देते थे और अपने साथ जॉगिंग पर ले जाते थे।