थाने में फायरिंग: विक्रम को गैंग समेत पकड़ने के लिए डीजीपी ने हरियाणा पुलिस के साथ रणनीति बनाई


बहरोड़ थाने में एके47 से गोलियां बरसाकर बदमाश को छुड़ा ले जाने वाली विक्रम उर्फ पपला गुर्जर को गैंग समेत पकड़ने के लिए राजस्थान पुलिस ने रणनीति बनाई है। शनिवार को डीजीपी ने हरियाणा पुलिस के अफसरों के साथ बैठक करके बदमाशों को घेरने के लिए संयुक्त ऑपरेशन की योजना तैयार की। यह बैठक हरियाणा के धारूहेड़ा के एक रिसोर्ट में हुई। इसमें राजस्थान के डीजीपी भूपेंद्र यादव और हरियाणा के एडीजी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के बाद हरियाणा और राजस्थान के बॉर्डर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। शनिवार को भी गाड़ियों की तलाश जारी रही। कुछ संदिग्ध लोगों को पुछताछ के लिए थाने भी लाया गया।

हमले में इस्तेमाल कार पपला के जीजा की, पकड़ा
बहरोड़ थाने से नांगल चौधरी के रास्ते पर भागे बदमाशों की हरियाणा नंबर की काली स्विफ्ट कार पुलिस ने बरामद कर ली। कार का मालिक रेवाड़ी के इब्राहिमपुर निवासी पपला का जीजा है। हरियाणा की सीआईए पुलिस ने उसे उठाया है और पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले में कुल 4 वाहन जब्त बरामद कर चुकी है। इनमें दो लूटे हुए थे।

क्या है मामला

बहरोड़ थाने में शुक्रवार तड़के पकड़कर लाए गए हरियाणा के माेस्ट वांटेड बदमाश विक्रम उर्फ पपला काे उसके 15-20 साथी तीन घंटे बाद ही थाने से छुड़ा ले गए। बदमाश तीन गाड़ियाें में आए और एके-47 सहित अन्य हथियार लहराते हुए सुबह करीब 8:20 बजे थाने में घुसे। बदमाशों ने 50 राउंड फायर किए। थाने में 45 का स्टाफ है। घटना के समय एसएचओ सुगन सिंह सहित 11 पुलिसकर्मी मौजूद थे।

रात 10.20 पर डीजी बहरोड़ थाने पहुंचे
फायरिंग की घटना को लेकर रात करीब 10.20 बजे पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह बहरोड़ पुलिस थाने पहुंचे और यहां पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम व रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि थाने में फायरिंग कर बदमाश को छुड़ा ले जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा दुबारा ना हो। फिलहाल गैंग और पुलिस की रणनीति पर बात नहीं करेंगे, लेकिन आमजन को आश्वस्त करेंगे कि अपराधी पकड़े जाएंगे।