मेडिकल और इंजीनियरिंग के कोचिंग छात्रों के लिए जयपुर और कोटा में खुलेंगे पांच-पांच छात्रावास



जयपुर। सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता मंत्री श्री अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मेडिकल एवं इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों के लिए जयपुर एवं कोटा संभाग में पांच-पांच छात्रावास खोलेगा। इनमें प्रत्येक छात्रावास में 100-100 विद्यार्थी रह सकेंगे।
श्री चतुर्वेदी ने यह जानकारी सोमवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में राज्य सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियां बताते हुए दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने गत चार वर्ष में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 23 हजार 816 करोड़ रूपए से अधिक राशि खर्च  की है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे पांच वर्ष में यह राशि मात्र 6135 करोड़ रही। हमने चार वर्ष में चार गुना अधिक राशि खर्च कर जरूरतमंद लोगों को संबल प्रदान किया है।
पेंशन के सबसे ज्यादा लाभार्थी प्रदेश में
सामाजिक न्याय मंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या के अनुसार राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि पेंशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए आवेदन, स्वीकृति एवं भुगतान प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। वर्तमान में राज्य के 96 प्रतिशत लाभार्थियों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है।
पेंशन योजनाओं में दोगुनी की रा​शि
श्री चतुर्वेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत 1 जुलाई, 2017 से वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना में 60 से 70 वर्ष तक पेंशन राशि 500 रूपए से बढ़ाकर एक हजार रूपए तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थी हेतु 750 रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए कर दी गई है। इसी तरह मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना के तहत सभी आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए राशि में एकरूपता लाते हुए पेंशन की राशि बढ़ाकर 750 रूपए प्रतिमाह की गई है।
प्रथम चरण में 9 लाख दिव्यांग पंजीकृत
सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविरों के माध्यम से तीन चरणों में कार्य किया जा रहा है। प्रथम चरण में व्यक्तियों का चिन्हीकरण, द्वितीय चरण में निशक्तता प्रमाण पत्र जारी कर उन्हें दी जाने वाली सहायता का आंकलन और अंतिम चरण में पात्र लाभार्थी तक वांछित लाभ पहुंचान शामिल है। वर्तमान में प्रथम चरण में करीब 9 लाख दिव्यांगों का पंजीकरण किया गया है। दूसरे चरण में अब तक पंजीकृत दिव्यांगों में से 80 हजार को निश्क्तता प्रमाण पत्र जारी कर दी जाने वाली सहायता का आकलन किया जा चुका है। इन्हें शीघ्र ही सहायता प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सुगम भारत अभियान के तहत प्रदेश में दिव्यांगजनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए 100 भवनों का चयन किय गया। जिसके लिए भारत सरकार से 50 करोड़ रुपए प्राप्त हो गए है। सचिवालय एवं एसएमएस हॉस्पिटल को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।
आवासीय विद्यालय की गुणवत्ता में सुधार
छात्रों और आवासीय विद्यालयों में रहने वाले छात्रों को उत्तम सुविधाएं मिले इसके लिए उपभोक्ता भंडार के माध्यम से एकमार्ग खाद्या सामग्री और अन्य उपयोग की वस्तुओं का राज्य स्तर पर क्रय करके सप्लाई किया जा रहा है साथ ही भवन सुधारों अभियान के तहत विभाग के 600 छात्रावासों में मरम्मत साफ सफाई एवं अनुपयोगी सामानों का निस्तारण किया जा रहा है।
अभिनव प्रयोग एवं नवाचार
विभागीय छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक के रिक्त पदों पर निकटतम राजकीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को लगाया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभ भामाशाह प्लेटफार्म के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में भेजे जा रहे है। पेंशन के आवेदन को पूर्णत ऑनलाइन कर दिया गया है।पेंशन रिलीज होते ही लाभार्थी को एसएमएस के जरिए सूचना मिल रही है।
निर्वासित महिलाओं का पुर्नवास
राज्य महिला सदन में रहने वाली 22 निर्वासित महिलाओं का भामाशाहों के सहयोग से पुननिर्वासित कराकर पुर्नवास किया गया है। विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत 2146.88 लाख खर्च कर 5995 विशेष योग्यजन को लाभ पहुंचा है। मूक बधिर के लिए आवासीय विद्यालय अजमेर में शुरू किया गया है।
2 किलोमीटर से दूर छात्रावास तो साईकिल की सुविधा
श्री चतुर्वेदी ने बताया कि ऎसे 220 विभागीय छात्रावास जो विद्यालय से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं, उनमें आवासरत विद्यार्थियों को विद्यालय जाने के लिए साईकिल उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि छात्रावासों में आवासित छात्रों की प्रगति में गुणात्मक सुधार की दृष्टि से हर तीन माह में आवासी विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ बैठक का नवीन प्रयोग किया गया है।
अब तक 2 हजार करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति
सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री ने बताया कि विगत चार वर्ष में एसटी, एससी और ओबीसी श्रेणी के 20 लाख 42 हजार विद्यार्थियों को 2 हजार करोड़ रूपए की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति जारी की गई। इसी तरह पालनहार योजना के अंतर्गत करीब सवा दो लाख बच्चों के पालनहारों को 708 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई । उन्होंने बताया कि विभाग को सशक्त बनाने के लिए ब्लॉक लेवल पर 150 से अधिक सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती की गई है। साथ ही करीब 450 छात्रावास अधीक्षकों की भर्ती की गई है, जिससे छात्रावासों की व्यवस्था में और सुधार होगा। केश कला बोर्ड के तहत तैयार हैयर ड्रेसर खोलने के लिए 2 लाख रुपए तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा।