विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा- मोदी की अमेरिका यात्रा के लिए पाक एयरस्पेस नहीं खोला जाएगा


पाक मीडिया रिपोर्ट्स में बुधवार को दावा किया गया कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के लिए पाकिस्तानी एयरस्पेस को खोलने की अपील की है। देर शाम पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस मामले पर कहा कि हमने भारतीय हाई कमीशन को सूचित कर दिया है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को पाकिस्तानी एयरस्पेस में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देंगे।

दरअसल, मोदी 22 सितंबर को अमेरिका के ह्यूस्टन जाएंगे, जहां ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और नरेंद्र मोदी एक साथ हिस्सा लेंगे। यह पहला मौका होगा, जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल होगा, जिसे भारतीय प्रधानमंत्री संबोधित करेंगे।

कश्मीर हालात के मद्देनजर एयरस्पेस बंद करने का निर्णय

हाल ही में पाक ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी थी। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने 7 सितंबर को भी कहा था कि कश्मीर के मौजूदा हालात पर गौर करते हुए पाकिस्तान ने भारत के लिए एयरस्पेस बंद करने का निर्णय लिया है।

भारत ने पाक के फैसले पर अफसोस जताया था

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस पर कहा था, “वीवीआईपी स्पेशल फ्लाइट को क्लीयरेंस न देने के पाकिस्तान के फैसले पर हमें अफसोस है। एक सामान्य देश के द्वारा इस तरह की क्लीयरेंस नियमित रूप से प्रदान की जाती है।”

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाक ने हवाई क्षेत्र बंद किया था
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने 8 अगस्त को भारत के लिए हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था। भारतीय विमानों के इस्तेमाल के लिए वह 9 मार्ग में से तीन को बंद कर चुका है। इससे भारतीय विमानों को यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व के देशों में जाने के लिए अतिरिक्त समय लग रहा है।

एयर स्ट्राइक के बाद भी हवाई क्षेत्र पर रोक लगाई थी
26 फरवरी को बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान उस समय भारत के विशेष विमानों को गुजरने की अनुमति देता रहा है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किर्गिस्तान यात्रा के लिए 13-14 जून को 72 घंटे तक हवाई क्षेत्र खुला रखा था, लेकिन मोदी ने ओमान-ईरान के रास्ते जाने का फैसला किया था।