करोड़ों की ठगी केस में आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चार पदाधिकारी और गिरफ्तार


स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप(एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 8 हजार करोड़ रुपए की ठगी के आरोप में आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चार पदाधिकारियों को सिरोही से एसओजी जयपुर ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में अब तक 11 पदाधिकारी गिरफ्तार हो चुके है। इस संबंध में एओजी के डीजी भूपेंद्र सिंह यादव ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र मोदी व कमलेश चौधरी आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमेन है। इसके अलावा अन्य गिरफ्तार आरोपियों में चेयरमेन ईश्वर सिंह सिंहल, एक्स मैनेजिंग डायरेक्टर प्रियंका मोदी, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट वैभव लोढ़ा, सीएफओ समीर मोदी, सहायक मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित मोदी, एक्स एमडी ललिता राजपुरोहित, डायरेक्टर विवेक पुरोहित, 6 कंपनीज ऑफ आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव बैंक, आदित्य मेगा प्रोजेक्ट कंपनी के डायरेक्टर भरत मोदी और टैक्टोनिक इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी के भरत दास वैष्णव है।

राजस्थान में 8000 करोड़ रूपये की निवेशित रकम को अपनी शैल कंपनी में निवेश कर दुर्विनियोग किया

  1. डीजी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अगस्त माह, 2018 में एसओजी मुख्यालय जयपुर पर सूचना मिली की मुकेश मोदी द्वारा आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लि0 अहमदाबाद के द्वारा स्थापित की गई थी। जिसकी भारत के 28 राज्यों एवं 4 केन्द्र शासित प्रदेशों में 806 शाखाऐं खोली। जिनमें 309 शाखाऐं राजस्थान में खोलकर करीब 20 लाख सदस्य बनाए। इनमें करीब 10 लाख निवेशक सदस्य शामिल है। इनसे करीब 8000 करोड़ रूपये की निवेश करवाया और अपनी शैल कंपनी में निवेशित कर निवेशकों के धन का दुर्विनियोग किया है।
  2. इसी प्रकार मुकेश मोदी व वीरेन्द्र मोदी के द्वारा अपने बेटा-बेटी और दामाद को पिछले कई वर्षों में विधि विरूद्व तरीके से 270 करोड़ रूपये का Ex Gratia Payment किया है एवं साथ ही मुकेश मोदी के द्वारा अपनी पत्नी एवं दामाद को बिना कोई कार्य किये आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी लि0 में एडवाईजर बता दिया और पिछले 3 वर्षों में 720 करोड़ रूपये का भुगतान किया है। इस पर धारा 406,409,420, 467,468, 471,477ए,120बी आईपीसी में थाना एसओजी जयपुर में 28 दिसंबर 2018 को दर्ज किया गया। अनुसंधान एसओजी दिल्ली में एएसपी सत्यपाल मिढा को दी गई।
  3. एसओजी के अनुसंधान के दौरान निम्न तथ्य उजागर हुये

    डीजी भूपेंद्र सिंह के मुताबिक अनुसंधान में सामने आया कि आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी लि0 के मोदी परिवार के द्वारा अपने मित्रों एवं परिवारजनों के नाम 187 ऋण खातों में 20 लाख निवेशकों से प्राप्त निवेश राशि का 99 प्रतिशत निवेश शैल कंपनी को अवैध तरीके से सदस्य बनाकर बिना कोई collateral Assets हासिल किये ऋण प्रदान किया। इस ऋण राशि से इन शैल कंपनी द्वारा अर्जित सम्पतियों को अपनी लेखा पुस्तकों में कई गुणा अधिक मूल्य पर दिखाया गया। अर्जित की गयी इन सम्पतियों को आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी लि0 को Pledge/ Hypothecate/ Mortgage भी नहीं किया है।

  4. इसके बाद 31 मार्च 2019 को आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी लि0 का इन 187 ऋण खातों में राषि 1,46,82,24,42,239/- रूपये बकाया चल रहे है, जो कि लाखों निवेशकों की निवेश राशि का दुर्विनियोग है एवं अधिकांश निवेशक जो अपनी निवेशित रकम मांगते रहे। लेकिन उनको भुगतान नहीं किया गया। अनुसंधान में सामने आया कि कि महावीर कन्सलटेंसी के द्वारा किसी भी प्रकार की सेवायें आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी लि0 को प्रदान नहीं की गयी एवं MSCS Act 2002 के प्रावधान एवं सोसायटी के रजिस्टर्ड बाईलाज के विपरीत सोसायटी के द्वारा मुकेश मोदी व विरेन्द्र मोदी के बेटा-बेटी एवं दामाद को 270 करोड रूपये का Ex-Gratia Payment विधि विरूद्व किया गया है।
  5. आदर्श क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी लि0 की शैल कंपनी व फर्म के पास 31-03-2016 को 223,77,50,000/- रूपये Cash in hand के रूप में था। भारत सरकार के द्वारा 08-11-2016 को नोटबन्दी की घोषणा के बाद सोसायटी में Share Application Money के रूप में जमा कराना दिखाया। अनुसंधान से यह उजागर हुआ है कि उक्त 223,77,50,000/- रूपये कभी भी सोसायटी को प्राप्त हुये ही नही। सोसायटी के द्वारा बिना प्राप्त किये ही उक्त 223,77,50,000/- रूपये इन शैल कंपनी की Share Application Money Rejact करते हुये जरिये आर0टी0जी0एस0 वापस कर सोसायटी के लाखों निवेशकों को 223,77,50,000/- रूपये की गलत तरीके से क्षति दिखाई।