खदान में भरे पानी में नहाने उतरे दो सगे भाइयों सहित परिवार के चार युवक डूबे, एक शव मिला


डूंगर बालाजी धाम  के पास स्थित घाटी की खदान में सोमवार को नहाने गए आठ युवकों में से चार युवक डूब गए। पानी में डूब रहे एक दोस्त काे बचाने के प्रयास में दो सगे भाइयों सहित परिवार के चार युवक डूब गए। एक युवक का शव देर शाम निकाल लिया गया, जबकि अन्य तीन युवकों की तलाश जारी थी।

जानकारी के अनुसार आठ युवक दोपहर करीब एक बजे घर से उक्त खदान में भरे लगभग 20 से 25 फीट पानी में नहाने के लिए उतरे थे। नरेंद्रसिंह, गजेंद्रसिंह, महावीरसिंह, हिम्मतसिंह, विक्रम, प्रकाश व महावीर सहित एक अन्य युवक पानी में तैर रहे थे। करीब डेढ़ बजे विक्रम तैरते समय डूबने लगा। उसके साथ ही नहा रहे दोस्त नरेंद्र, गजेंद्र, महावीर व हिम्मतसिंह ने  विक्रम को किनारे पर लाकर बाहर कर दिया।

इसी दौरान उक्त चारों युवक एक दूसरे को बचाने के प्रयास में पानी के लपेटे में आ गए। प्रकाश व महावीर एवं एक अन्य डर के मारे घटना देखकर मौके से  घर भाग गए। मौके पर उपस्थित 22 वर्षीय विक्रम ने घटना देखकर अपनी सुधबुध खो दी। पुलिस व प्रशासन ने गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद से शाम 4.30 बजे तक नरेंद्र का शव ही पानी से बाहर निकाला।

मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी

मौके पर एसडीएम रतन कुमार स्वामी, डीएसपी नरेंद्र शर्मा, सुजानगढ़ एसएचओ मुश्ताक खां, तहसीलदार अमरसिंह सहित छापर एवं बीदासर के एसएचओ सहित अनेक लोग पहुंचे। यह खान बीदासर के डूंगरमल की बताई गई है।

आपदा प्रबंधन की टीम पहुंची

मौके पर चूरू से आपदा प्रबंधन की टीम पहुंची। इधर, बीकानेर से टीम रवाना हो चुकी है। स्थानीय आठ-10 लोग देर शाम तक पानी से युवकों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। पानी निकासी के लिए दो तीन पंप सेट लगाए गए हैं। रेस्क्यू अभियान भी जारी है।

साधारण परिवार के थे युवक

पानी में डूबे नरेंद्र व गजेंद्र दोनों सगे भाई थे। उनके एक 18 वर्षीय बहन है। इसी तरह महावीर पुत्र मदनसिंह के एक भाई व एक बहन है। महावीरसिंह के पिता मदनसिंह की करीब एक माह पहले ही मौत हुई थी। हिम्मतसिंह के एक भाई और है।

चप्पलों से खेल रहे थे

ग्रामीणों ने बताया कि पानी में तैरते समय युवक चप्पलों को फेंकने का खेल खेल रहे थे।

खदान में डूबने वाले चारों युवक अविवाहित थे

मृतक 21 वर्षीय नरेंद्रसिंह व 17 वर्षीय गजेंद्रसिंह पुत्र कल्याणसिंह, 24 वर्षीय महावीरसिंह पुत्र मदनसिंह व 17 वर्षीय हिम्मतसिंह पुत्र भंवरसिंह अविवाहित थे। इनमें से नरेंद्र व गजेेंद्र सगे भाई हैं। गजेंद्र व हिम्मत दसवीं कक्षा में पढ़ते थे और नरेंद्र  एवं महावीर मजदूरी करते थे। चारों युवक रिश्ते में भाई थे।