देवी गोमती की पूजा से पाए शत्रुओं से मुक्ति


आज बुधवार 25.04.18 को धनु राशि, दशमी तिथि व मूल नक्षत्र के साथ-साथ गजकर्ण और वृद्धि योग पर देवी गोमती है। बुधवार व केतु का नक्षत्र मूल आद्य शक्ति मूल प्रकृति देवी को समर्पित है। देवी गोमती की पूजा व उपाय करने से शत्रुओं से मुक्ति, दुनिया को वशीभूत करें व दुर्भाग्य से छुटकारा।

पू जा विधि – घर के मंदिर में हरे कपड़े पर मूंग भरा कांसे का कलश स्थापित कर 7 अशोक के पत्ते और नारियल रखकर विधिवत पूजन करें। कांसे के दिये में गाय के घी का दीपक जलाए, सुगंधित धूप जलाए, गोलोचन से तिलक करें, फूल चढ़ाएं व साबूदाने की खीर का भोग लगाएं तथा पूजा के बाद भोग प्रसाद स्वरूप वितरित करें।

पूजा मुहूर्त – शाम 5:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक।

मंत्र -ॐ गोमती देव्यै: नमः॥ इस मंत्र का जाप करे

उपाय

महादेवी पर चढ़े गोमती चक्र को पर्स में रखने से सर्व वशीकरण होता है।  महादेवी पर चढ़ी 12 पीली कौड़ी को जलप्रवाह करने से दुर्भाग्य से छुटकारा मिलता है। पान के पत्ते पर चूने से शत्रु का नाम लिखकर महादेवी पर चढ़ाने से शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।