अयाज मेमन की कलम से / ऋषभ पंत अपने विकेट की अहमियत समझें


युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से पहले कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली से साफ-साफ चेतावनी मिल चुकी है। रवि शास्त्री ने काफी कड़े लहजे में, तो विराट कोहली ने नर्म लहजे में पंत को शॉट सिलेक्शन सुधारने और बल्लेबाजी का अप्रोच सुधारने की हिदायत दे दी है। पंत को इसे बेहद गंभीरता से लेना होगा। अब उन्हें टीम में आए अच्छा-खासा वक्त हो चुका है और टीम मैनेजमेंट भी उन्हें लगातार मौके दे चुका है। रवि शास्त्री और विराट कोहली की चिंता का एक बड़ा कारण और है- वर्ल्ड टी20 के लिए टीम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और टेस्ट चैंपियनशिप को ध्यान में रखकर भी एक स्थायी विकेटकीपर की जरूरत है। हालांकि टीम मैनेजमेंट मौके-बेमौके कहता रहा है कि पंत ही टीम के फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर हैं, लेकिन उनके अस्थिर प्रदर्शन ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इस बात पर शायद ही किसी को संदेह हो कि पंत एक खास प्रतिभा हैं। अंडर-19 के दिनों से ही उन पर निगाहें रही हैं। आईपीएल में भी उन्होंने कई मौकों पर बेहतरीन खेल दिखाया। भारतीय टीम में आकर टेस्ट में दो ओवरसीज सेंचुरी लगाईं। इस तरह के युवा जब उभरकर सामने आते हैं तो उन्हें लेकर खास तरह का उत्साहजनक माहौल बन जाता है। अक्सर खिलाड़ी कोशिश करने लगते हैं कि कुछ बड़ी पारियां खेलकर टीम में जगह पुख्ता कर लें, अपने चयन और लोगों की उम्मीद को सही साबित करें। ये बातें अनावश्यक दबाव लाती हैं। खिलाड़ियों को इसी के दबाव में आने से बचना होता है। पंत को टीम मैनेजमेंट से जितना सपोर्ट चाहिए था, वो उन्हें मिला है। वर्ल्ड कप में तो जब ओपनर शिखर धवन चोटिल हुए तो उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर किसी ओपनर को नहीं, बल्कि रिषभ पंत को इंग्लैंड भेजा गया। लेकिन समर्थन के अनुपात में ही प्रदर्शन आना भी जरूरी होता है।

गेंदबाज को अपना विकेट गिफ्ट करना सबसे खराब
तो पंत को करना क्या चाहिए? यकीनन उन्हें अपने नेचुरल गेम से समझौता नहीं करना चाहिए। ये एक खिलाड़ी के तौर पर उनके लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। लेकिन नेचुरल गेम कैसा भी हो, खिलाड़ी को अपने विकेट की अहमियत समझनी चाहिए। गेंदबाज को अपना विकेट गिफ्ट करना सबसे खराब होता है। इससे खिलाड़ी और टीम, दोनों का मनोबल गिरता है। पंत को समझना होगा कि टेस्ट में रिद्धिमान साहा फिट होकर लौट आए हैं। वनडे और टी20 में भी ईशान किशन और संजू सैमसन जैसे उनके हमउम्र खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर अपना दावा ठोंक रहे हैं। फिर दिग्गज एमएस धोनी ने भी अभी संन्यास नहीं लिया है। इन सभी समीकरणों को नजरअंदाज करना पंत के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।