व्रत धारण कर स्थापित की गजानन प्रतिमाएं, घरों-मंदिरों में गूंज रहे प्रथम पूज्य के जयकारे


प्रदेशभर में गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। गणेश मंदिरों सहित घर-घर में गणेशजी की पूजा अर्चना के साथ गणेश चतुर्थी का शुभारंभ हुआ। घरों व मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला सुबह 3.30 बजे से ही शुरू हो गया। लोगों ने घरों में गणेश विराजे हैं। सभी मंदिरों में भगवान गणेश का आकर्षक शृंगार के साथ मंदिर में विशेष साज-सज्जा की गई है। मध्यांह काल में चतुर्थी होने से दोपहर मध्यकाल को श्रेष्ठ माना गया है। हालांकि दिनभर गणेश स्थापना का काल है।

गणपति को नौलड़ी का नौलखा हार धारण करवाया गया है। मोती डूंगरी में भगवान गजानन को स्वर्ण मुकुट धारण करवाकर चंदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया है। इसमें मोती, सोना पन्ना माणक जड़े हुए हैं। गढ़ गणेश, बड़ी चौपड़ के ध्वजाधीश गणेश मंदिर, श्वेत सिद्धी विनायक गणेश मंदिर, सूरजपोल बाजार, परकोटे वाले गणेश मंदिर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में दर्शनों के लिए भक्तों की कतारें देर रात से लगना शुरू हो गई। सुबह तक कतार राजस्थान यूनिवर्सिटी व आरबीआई तक पहुंच गई। सुबह 3.30 बजे मंगला झांकी के साथ दर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ। गजानन के दर्शनों के लिए आने वाले महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों के साथ ही निशक्तजनों व बुजुर्गों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए यातायात डाइवर्ट करने के साथ ही एक हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यहां सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है।

शोभायात्रा मंगलवार को
भगवान गणपति की विशाल शोभायात्रा मंगलवार को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से रवाना होगी। यह यात्रा एमडी रोड, सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार त्रिपोलिया बाजार चांदपोल ब्रह्मपुरी होते हुए गढ़-गणेश मंदिर पहुंचकर विसर्जित होगी। शोभायात्रा मोर पर विराजमान गणेश, शेर पर सवार गणेश जी की झांकियों के साथ्ज्ञ पचास से ज्यादा भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूप होंगे।