महिला के पेट में छोड़ दिए गॉज व कॉटन के टुकड़े, निजी अस्पताल में दोबारा कराना पड़ा ऑपरेशन


एसआई अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक महिला के पेट में गॉज व कॉटन के टुकड़े छोड़ने का मामला सामने आया है। करीब 15 दिन तक परेशान रहने के बाद महिला का निजी हॉस्पिटल में प्रोसीजर किया, जहां पता चला कि पेट में गॉज व कॉटन थे। फिलहाल महिला निजी हॉस्पिटल में भर्ती है।

तलवंडी निवासी देवेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी संगीता एक प्राइवेट संस्थान में जॉब करती है। उसे 18 जुलाई को ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसका 26 जुलाई को यूटरस रिमूव किया गया था। उसे 3 अगस्त को डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पर लाने के बाद पत्नी को बुखार आने लगा, साथ ही ऑपरेशन वाली जगह दुर्गंध आने लगी। हम ईएसआई अस्पताल गए, तो डॉक्टरों ने बताया कि यह नॉर्मल है, ऐसी स्थिति एक-दो माह भी चल सकती है। बाद में परिवार की महिलाओं ने कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है।

इस ऑपरेशन में पेट नहीं खोला जाता, बल्कि नीचे से यूटरस निकाला जाता है। ऑपरेशन के बाद सिंगल पीस पैकिंग लगाई जाती है, जो तीन दिन बाद हटा दी जाती है। यह महिला 10 दिन हमारे यहां भर्ती रही है। यदि ऐसा कोई टुकड़ा होता तो स्टाफ को भी नजर आता। यह आरोप पूरी तरह गलत हैं। – डॉ. नीरू सिसौदिया, प्रभारी, गायनी विभाग, ईएसआई अस्पताल

तलवंडी के निजी हॉस्पिटल में करना पड़ा महिला का इलाज 

हालत नहीं सुधरी तो परिजन महिला को तलवंडी स्थित निजी हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने बताया कि पेट में गॉज या कॉटन के टुकड़े हैं और एक टुकड़ा तो आउटडोर में ही निकाल दिया। उससे इस कदर गंध आ रही थी कि वहां मौजूद स्टाफ उल्टियां करने लगा। बाद में लेबर रूम में लेकर पेट की पूरी सफाई की। अब वह इसी निजी हॉस्पिटल में भर्ती है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। इस मामले में निजी हाॅस्पिटल की डाॅक्टर से भास्कर ने बात की तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। वहीं कांग्रेस नेता कुंदन चीता ने कहा कि हम इसे लेकर आंदोलन करेंगे।

दो दिन पहले मंत्री ने जताई थी नाराजगी : ईएसआई अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर दो दिन पहले चिकित्सा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग भी नाराजगी जता चुके हैं। वे अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां गंदगी व अन्य अव्यवस्थाओं
पर नाराज हुए थे। उन्होंने कहा था कि पर्याप्त स्टाफ व डॉक्टर होने के बावजूद काम कम हो रहा है, बिल्डिंग पूरी यूज नहीं की जा रही।