पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे गहलोत, कहा- दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी


मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को बाड़मेर के बालोतरा पहुंचे। यहां रविवार को रामकथा के दौरान हुए हादसे के मृतकों के घर पहुचे और परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान गहलोत ने कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए एडवायजरी जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि भी दी।

बालोतरा में रविवार को आंधी-बारिश से रामकथा के दौरान पंडाल गिर गया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 70 जख्मी हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, बवंडर से रामकथा का पंडाल (डोम) 20 फीट ऊपर तक उड़ गया, फिर नीचे गिरा। इसके बाद लोहे के पाइप में करंट दौड़ गया। हादसे के वक्त हवा की रफ्तार 80 से 100 किमी प्रति घंटा थी। करीब डेढ़ मिनट में ही पूरा पंडाल तहस-नहस हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

5 लाख रुपए का मुआवजा

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे के बाद रविवार शाम सीएमओ में आपात बैठक की। इसमें राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की थी। सीएम ने मामले की जांच जोधपुर के संभागीय आयुक्त बी.एल. कोठारी को सौंपी है। साथ ही मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रु. और घायलों को 2-2 लाख की सहायता राशि देने का निर्णय किया था।

पंडाल का फाउंडेशन था कमजोर

लोगों का आरोप है कि पंडाल का फाउंडेशन बेहद कमजोर था। वह सिर्फ दो फीट के फाउंडेशन पर खड़ा था। रामकथा के दौरान करीब 800 लोग पंडाल में मौजूद थे। बवंडर के बाद जैसे ही पंडाल नीचे गिरा तो लोहे के एंगल श्रद्धालुओं पर गिर पड़े। इससे लोगों के सिर, पैर और पेट में गंभीर चोटें आई। बताया जा रहा कि दो लोगों की लोहे का एंगल लगने से मौत हुई।