हनुमान जी पूजा करने से बनी रहेगी कृपा आप पर



हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने के लिए हम हनुमान जी की पूजा अर्चना करते है, लेकिन पूजा अर्चना को सही विधि से करे तब ही हनुमान जी की हमारे ऊपर कृपा हो सकती है। इसलिए हम आपको हनुमान जी की पूजा करने की विधि बतायंगे। यह इस प्रकार है। जातक अपने कष्ट कम करने के लिए शनिवार को चोला चढ़ाया जाता है। दूसरे दिनों में रवि, सोम, बुध, गुरु, शुक्र को चोला चढ़ाने का निषेध नहीं है।

 

चोले में चमेली के तेल में सिन्दूर मिलाकर प्रतिमा पर लेपन कर अच्‍छी तरह मलकर, रगड़कर चांदी का वर्क चढ़ाते हैं। चोला चढ़ाने में ध्यान रखने की खास बात है, कि शुद्ध वस्त्र धारण करें। नख से शिख तक तथा शिख से नख तक संहार क्रम होता है। सृष्टि क्रम यानी पैरों से मस्तक तक चढ़ाने में देवता सौम्य रहते हैं। यह चीज श्रीयंत्र साधना में सरलता से समझी जा सकती है। यदि कोई विशेष मनोकामना पूर्ति हो तो पहले संहार क्रम से, जब तक कि मनोकामना पूर्ण न हो जाए, पश्चात सृष्टि क्रम से चोला चढ़ाया जा सकता है। इस समय सात्विक जीवन, मानसिक एवं शारीरिक ब्रह्मचर्य का पालन आवश्यक है। हनुमान चालीसा सभी के लिए सरल उपाय हैं।

हनुमानजी के काफी मंत्र उपलब्ध हैं। आवश्यकता के अनुसार चुनकर साधना की जा सकती है। शाबर मंत्र भी हैं, लेकिन इनका प्रयोग गुरुदेव की देखरेख में करना उचित है। धैर्य, श्रद्धा, विश्वास से करते रहने पर देवकृपा निश्चित हो जाती है। शास्त्रों में लिखा है- ‘जपात् सिद्धि-जपात् सिद्धि’ यानी जपते रहो, जपते रहो, सिद्धि जरूर प्राप्त होगी। कलयुग में साक्षात देव हनुमानजी हैं। हनुमानजी की साधना से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष सभी प्राप्त होते हैं।