हाईकोर्ट ने दिया आदेश : गाड़ी चलाते समय फोन का इस्तेमाल करने वालों को मिलेगी ये सजा


राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले का ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत रद्द करने का निर्देश दिया है। जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास और जस्टिस रामचंद्र सिंह झाला की पीठ ने वाहन चलाते वक्त मोबाइल के बढ़ते चलन पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा है कि हादसों की एक बड़ी वजह यह भी है। राज्य सरकार और ट्रैफिक पुलिस यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल या ईयरफोन का इस्तेमाल नहीं करे। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति की तस्वीर खींचकर आरटीओ के जरिए तुरंत लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाए।

हाई कोर्ट ने ये आदेश एडिशनल पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) द्वारा दी गई एक जानकारी के बाद दिया। दरअसल पुलिस कमिश्नर ने कोर्ट को ये जानकारी दी थी कि बाइक और कार चला रहे लोग जमकर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। दी गई जानकारी में आगे कहा गया कि ड्राइविंग करते समय फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी है, बावजूद इसके ऐसा किया जा रहा है।

यूपी में ईयरफोन लगाए वैन चालक के कारण रेल क्रॉसिंग पर 13 बच्चों की मौत के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने किसी भी दुपहिया या चार पहिया वाहन चलाते समय मोबाइल यूज करने वाले का ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। जज गोपालकृष्ण व्यास व रामचंद्रसिंह झाला की खंडपीठ ने ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता जताई।

 

आपको बता दें कि साल 2016 में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए गाड़ी चलाने की वजह से देशभर में 2,138 लोगों की जानें चली गईं। जानकारों का मानना है कि ये संख्या बहुत कम है क्योंकि इसकी वजह से होने वाली मौतों की सही संख्या पूरी तरह से दर्ज नहीं कराई गई है।