उच्च शिक्षा मंत्री राजसंमद जिले के भाटोली में न्याय आपके द्वार शिविर का अवलोकन किया


जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने राजस्व लोक अदालत अभियान – न्याय आपके द्वार के अन्तर्गत संचालित शिविरों को ग्रामीणों के लिए वरदान बताया है और कहा है कि ग्रामीणों के उत्थान और ग्राम्य विकास के साथ ही समस्याओं के निराकरण के इस महाभियान का पूरा-पूरा लाभ लेने के लिए आगे आना चाहिए।
श्रीमती माहेश्वरी ने सोमवार को राजसमन्द जिले के भाटोली ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित राजस्व लोक अदालत अभियान – न्याय आपके द्वार शिविर में उपस्थित ग्रामीण नर-नारियों से चर्चा करते हुए यह बात कही।
उन्होंने शिविर आयोजन से संबंधित राजस्व एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे शिविर की मंशा के अनुरूप क्षेत्र के अधिक से अधिक जरूरतमन्द ग्रामीणोें को इनसे लाभान्वित करने के लिए सेवा भावना के साथ दायित्वों का निर्वहन करें और शिविरों को आशातीत सफलता प्रदान करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ने शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना तथा इनके बारे में संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा की और समस्याओं के प्राथमिकता से व समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि उनकी तकलीफों और समस्याओं के समाधान के साथ ही ग्राम्य विकास की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में हरसंभव ठोस कार्यवाही की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने शिविर में पाँच महिलाओं सर्वश्रीमती बाली बाई रेगर, बदामी बाई रेगर, डाली बाई रेगर, सुन्दर बाई एवं गणेशी बाई को उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन उपकरण प्रदान किए।
पशुओं में टीकाकरण नहीं होने पर लगाई फटकार
उच्च शिक्षा मंत्री ने क्षेत्र में पशुओं के टीकाकरण में लापरवाही बरतने को लेकर पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कार्मिकोें को जबर्दस्त लताड़ पिलायी और कहा कि क्षेत्र के पशुपालकों की आम शिकायत है कि पशुओं में टीकाकरण नहीं हुआ है। उच्च शिक्षा मंत्री ने पशुओं में टीकाकरण का सत्यापन कराने के लिए जांच के निर्देश दिए और सख्त हिदायत दी कि अभियान चलाकर पशुओं में टीकाकरण करें।
उच्च शिक्षा मंत्री ने पशुपालन विभाग द्वारा प्रस्तुत पशुपालकों की सूची पर वहां उपस्थित पशुपालकों से पशुओं में टीकाकरण की जानकारी ली। इस पर पशुपालकों ने कहा कि उनके पशुओं का टीकाकरण करने कोई नहीं आया। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री ने जबर्दस्त लताड़़ पिलायी और कहा कि यह सब नहीं चलेगा, टीकाकरण की सूची ही फर्जी है। खुद पशुपालक ही कह रहे हैं कि टीकाकरण नहीं हुआ।