राजसमन्द में उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रतिभावान छात्राओं को स्कूटी वितरण किया



जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित प्रयासों का आह्वान किया है और कहा है कि हम बेटियों को बचाएंगे भी, उन्हें पढ़ाएंगे भी, और उन्हें आगे भी बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आज के समय में बेटियां हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं और नाम रोशन कर रही हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती माहेश्वरी  ने शुक्रवार को राजसमन्द जिला मुख्यालय पर कुमावत समाज नोहरा में सेठ रंगलाल कोठारी राजकीय महाविद्यालय की ओर से प्रतिभावान छात्राओं के लिए आयोजित स्कूटी वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह उद्गार व्यक्त किए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने देवनारायण स्कूटी योजना मेधावी योजना के तहत 59 स्कूटी का वितरण भी किया एवं सभी बालिकाओं एवं उनके परिवारों से आत्मीय संवाद किया एवं उनको शुभकामनाएं दी।उन्होंने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हमने जिले में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हमने लगभग हर उपखंड में महाविद्यालय खोले हैं और आगे भी ऎसा प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को स्टडी के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट के कोर्स भी सीखने चाहिएं। हम  केवल नौकरी के भरोसे ही न रहें। यदि हुनर होगा तो वह बेरोजगार नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने बहुआयामी उद्देश्यों और सुनहरे भविष्य के लक्ष्यों को लेकर ही स्किल डेवलपमेंट के प्रोग्राम भी शुरू किए हैं।
श्रीमती माहेश्वरी ने उपस्थित जन समुदाय से भावुकता के साथ र्मामिक अपील भी की। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने दिया जाए और जो स्कूटी इन्हें दी जा रही है वह इन्हें ही चलाने दी जाए।  स्कूटी वितरण करते हुए उन्होंने बालिकाओं से संवाद भी किया और पढ़ाई-लिखाई तथा भविष्य के स्वप्नों के बारे में भी पूछा।
श्रीमती माहेश्वरी ने बालिकाओं से कहा कि वे अच्छी तरह से शिक्षा र्अजित करें एवं समाज, अपने क्षेत्र तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बालिकाओं को नसीहत भी दी कि वह ऎसा कोई कार्य ना करें जिससे उन्हें और उनके परिवार को शंका उत्पन्न हो।

स्कूटी वितरण कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं में मंत्री के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची रही। बड़ी संख्या में बालिकाओं ने उत्साह के साथ सेल्फी भी ली। समारोहस्थल पहुंचने पर श्रीमती माहेश्वरी का स्वागत किया गया।

इस अवसर पर नगर परिषद सभापति श्री सुरेश पालीवाल, श्री महेन्द्र टेलर सहित जन प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। आरंभ में महाविद्यालय की प्राचार्य श्री प्रमिला सारस्वत ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर  बड़ी संख्या में बालिकाएं,उनके परिवारजन एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे
उच्च शिक्षा मंत्री ने राजसमन्द में खेल सामग्री का किया वितरण

उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमति किरण माहेश्वरी ने कहा है कि खेलों के माध्यम से ही युवाओं का समग्र बौद्धिक एवं शारीरिक विकास संभव है, इसलिए हमें खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहिए और खेल मैदानों का विकास करना चाहिए।

उच्च शिक्षा मंत्री शुक्रवार को राजसमन्द जिला मुख्यालय स्थित कुमावत समाज नोहरा में युवा मामले व खेल विभाग एवं राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शारीरिक शिक्षकों एवं उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रही थी।

उन्होंने कहा की स्कूलों में खेल संबंधी गतिविधियां बढ़नी चाहिए एवं बच्चों की उनमें सहभागिता भी होनी चाहिए। स्कूलों में खेल मैदान साफ-सुथरे बाउन्ड्रीवाल युक्त एवं अतिक्रमण मुक्त हो।  खेल मैदानों के विकास के लिये सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज का सहयोग लिए जाने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि राजसमन्द जिले में खेलों के विकास तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।  जिले की सभी सातों पंचायत समितियों में खेल मैदान विकास के लिये 20-20 लाख रुपये दिये हैं। आगे भी खेल विकास की दृष्टि से डी एम एफ टी फंड के माध्यम से प्रति वर्ष ऎसे कार्य करवाए जायेंगे।

समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमति माहेश्वरी ने कहा की युवाओं में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा दें एवं इसके साथ ही विभिन्न खेलोें वॉलीबाल, बैडमिंटन, हॉकी आदि खेलों को बढावा दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं मेें क्रिकेट के प्रति रुझान को देखते हुए जिला स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता करवाने की सलाह भी आयोजकों को दी।

इस अवसर पर उन्होंने 150 ग्राम पंचायतों को खेल सामग्री वितरित की। विभिन्न स्कूलों के शिक्षकाें को खेल सामग्री का वितरण भी किया। इस अवसर पर खेल अधिकारी चांद खॉन पठान ने भी समारोह को संबोधित किया। इससे पूर्व कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य लोगों ने उच्च शिक्षा मंत्री का स्वागत भी किया।
इस अवसर पर नगर परिषद् सभापति श्री सुरेश पालीवाल अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी  श्री ईश्वर सिंह राव, श्री महेन्द्र टेलर, श्री भानु पालीवाल, श्री गिरिराज कुमावत आदि उपस्थित थे।