उच्च शिक्षा मंत्री ने लापस्या ग्राम पंचायत में विकास कार्यों का लोकार्पण किया



जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने कहा है कि राजस्थान में यह पहली सरकार है जिसने अपनी ओर से पहल करते हुए प्रदेश की जनता को बहुआयामी विकास की सौगातें दी हैं। सरकार ने आम जन से लेकर हर क्षेत्र के स्वस्थ विकास और दूरदर्शी तरक्की को सामने रखकर छोटी-बड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन कर प्रदेश को तीव्रतर विकास देते हुए जन-जन को सुख-सुविधाओं का अहसास कराया है।
उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने यह बात राजसमन्द जिले की रेलमगरा पंचायत समिति अन्तर्गत लापस्या ग्राम पंचायत अन्तर्गत  विभिन्न गांवों में ग्रामीण विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रमों में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उच्च शिक्षा मंत्री ने सिंधी कुंआ में 9 लाख की लागत वाले सोलर डीएफयू, 5 लाख की लागत से स्थापित 4 हैण्डपंप, भगतपुरा गांव में 34 लाख की लागत से खुला कुंआ एवं पाईप लाईन, लापस्या गांव में 4.38 लाख के पनघट निर्माण, 220.54 लाख की लागत से दौलतपुरा रामपुरिया में खुला कुंआ, पाईप लाईन एवं उच्च जलाशय, 30 लाख की लागत से 7 सामुदायिक भवनों, 2.50 लाख की लागत से वाचनालय निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय, महिला स्नानघर आदि के कार्यों का लोकार्पण किया।
इस दौरान् कला राजौरा, अरुण बोहरा, गणेश पालीवाल, सरपंच सपना शर्मा, पंचायत समिति सदस्य देव बाई जाट सहित ग्राम्य जन प्रतिनिधिगण, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने इन लोकार्पण कार्यक्रमों में ग्रामीण विकास की कई घोषणाएं की। उन्होंने 20 लाख की धनराशि से लापस्या में सामुदायिक भवन, महिला स्नानघर एवं वाचनालय निर्माण की घोषणा की।
उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने सिंधी कुंआ, दगोलिया खेड़ा, भगतपुरा, तारा खेड़ा, दलसिंहजी का खेड़ा, दौलतपुरा, खण्डेल, रामपुरिया आदि दर्जन भर गांवों का दौरा किया और जनता की समस्याओं को सुनने के साथ ही विकास कार्यों का फीडबैक लिया।
उच्च शिक्षा मंत्री के प्रयासों से क्षेत्र भर में हुए ग्रामीण विकास के कार्यों से अभिभूत ग्रामीणों ने ढोल-ढमकों के नादों के साथ उच्च शिक्षा मंत्री का स्वागत किया और अपने-अपने गांवों में हुए ऎतिहासिक विकास के लिए उनका तहेदिल से आभार जताया। उच्च शिक्षा मंत्री ने अपने प्रत्युत्तर में ग्रामीणों को धन्यवाद दिया और कहा कि उनका प्रेम और आत्मीयता ही है जिसकी बदौलत ग्रामीण विकास की गतिविधियां ऎतिहासिक उपलब्धियों का दिग्दर्शन करा रही हैं।